Home > धर्म > Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि में धूमावती माता की पूजा क्यों मानी जाती है खास? जानें इसका महत्व

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि में धूमावती माता की पूजा क्यों मानी जाती है खास? जानें इसका महत्व

Chaitra Navratri 2026: चैत्र नवरात्रि के दौरान माता धूमावती की पूजा की जाती है. नवरात्रि में इनकी पूजा का विशेष महत्व माना जाता है. आइए जानते कि धूमावती माता कौन हैं?

By: Preeti Rajput | Published: March 17, 2026 4:39:48 PM IST



Chaitra Navratri 2026: इस साल 19 मार्च से चैत्र माह की नवरात्रि शुरु हो रही है. इस नवरात्रि का समापन 27 मार्च को होगा.चैत्र नवरात्रि में माता दुर्गा के नौ रुपों की पूजा की जाती है और उन्हें भोग अर्पित किया जाता है. नवरात्रि के दिनों में माता दुर्गा के नौ रुपों का पूजन का खास महत्व होता है. मान्यता है कि नवरात्रि में दुर्गा जी के नौ स्वरूपों की पूजा करने से जीवन के सभी दुख दूर हो जाते हैं. 

नवरात्रि का समय भक्ति और अराधना में डूबा हुआ होता है. इस दौरान भक्त नौ दिन उपवास रख पूजा-पाठ में लीन रहते हैं, लेकिन क्यों आप जानते हैं कि नवरात्रि के दौरान माता धूमावती की पूजा करना खास माना जाता है? आइए जानते हैं कि धूमावती माता आखिर कौन है?

कौन है माता धूमावती.

माता धूमावती मां पार्वती का ही रुप हैं. धार्मिक मान्यताओं के मुताबिक, एक बार मां पार्वती को बहुत ज्यादा भूख लगी, तो उन्होंने शिव जी को ही निगल लिया. इसके बाद उनका रुप विधवा में बदल गया, जिन्हें धूमावती देवी के नाम से जाना गया. तंत्र शास्त्र के अनुसार, माता धूमावती का स्वरूप विधवा है.उनका वर्ण फीका है और वह गंदे वस्त्र धारण करती है. बाल खुले हुए और रुखे हैं, जिन्हें देख शत्रुओं में भय उत्पन्न हो जाता है. 

उनके रथ के ध्वज पर कौए का चिन्ह नजर आता है. उन्होंने हाथ में सूप लिया हुआ है. उनकी नाक बड़ी, आंखें कुटिल हैं. माता भूख और प्यास से व्याकुल नजर आती हैं.माता का ये स्वरूप वास्तव में शत्रुओं के विनाश और अधर्म के भक्षण का प्रतीक माना जाता है. माता दस महाविद्याओं में सातवीं शक्ति है. इसके अलावा माता को कलहप्रिया, विरलदंता और चंचला  के नाम से भी जाना जाता है. 

Chaitra Amavasya 2026: चैत्र अमावस्या कब की है? यहां जानिए सही तिथि, महत्व और पूजा विधि के बारे में

सारी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं माता 

विद्वान मानते हैं कि धूमावती माता इस संसार में कष्टकारी अवस्थाओं की अधिष्ठात्री देवी हैं. नवरात्रि के दौरान माता धूमावती के विशेष पूजा की जाती है. पूजा के प्रसन्न होकर माता साधकों की सभी मनोकामनाएं पूरी करती हैं. 

Hindu New Year 2026: कड़वाहट में छिपा है सेहत का राज… जानिए- गुड़ी पड़वा पर नीम खाने की परंपरा के पीछे का विज्ञान

Advertisement