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Chaitra navratri: नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की करें आराधना, जानिए पूजा विधि, शुभ रंग और भोग

Chaitra navratri: नवरात्र का दूसरा दिन 20 मार्च शुक्रवार को मां ब्रह्मचारिणी को समर्पित है. ब्रह्मचारिणी का स्वरूप तपस्या, ज्ञान और वैराग्य का प्रतीक है. इस दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है.

By: Ranjana Sharma | Last Updated: March 20, 2026 10:04:08 AM IST



Chaitra navratri: चैत्र नवरात्र का दूसरा दिन आज यानि शुक्रवार को है. इस दिन देवी दुर्गा के दूसरे स्वरूप, मां ब्रह्मचारिणी, की पूजा का विशेष महत्व है. ब्रह्मचारिणी का नाम दो शब्दों से मिलकर बना है-‘ब्रह्म’ का अर्थ है तपस्या और ‘चारिणी’ का अर्थ है आचरण करने वाली. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा करने से जीवन की बाधाएं दूर होती हैं और व्यक्ति ज्ञान, मानसिक शांति और वैराग्य की प्राप्ति करता है. शास्त्रों में उन्हें तपस्या, वैराग्य और ज्ञान की देवी बताया गया है.

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप

मां ब्रह्मचारिणी का स्वरूप अत्यंत सरल, सशक्त और सुंदर है. वह सफेद वस्त्र धारण करती हैं. उनके एक हाथ में अष्टदल की माला और दूसरे में कमंडल होता है. कहा जाता है कि सच्चे भक्ति भाव से पूजा करने पर मां की कृपा जीवन की सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती है. उनका शांत और सशक्त स्वरूप भक्तों को संयम और आध्यात्मिक बल प्रदान करता है.

पूजा की विधि

नवरात्र के दूसरे दिन सुबह जल्दी उठें, स्नान करें और साफ-सुथरे या नए कपड़े पहनें. पूजा स्थल को फूलों, रंगोली और दीपकों से सजाएं. कलश और मां ब्रह्मचारिणी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं. अक्षत, कुमकुम, हल्दी और फूल अर्पित करें. इसके बाद दूध से बनी मिठाई, मिश्री या पंचामृत का भोग अर्पित करें. पूजा के दौरान मंत्र का जाप करें.

शुभ रंग और वस्त्र

नवरात्र के दूसरे दिन सफेद रंग के वस्त्र पहनना शुभ माना गया है. सफेद रंग शांति, सादगी और पवित्रता का प्रतीक है. यह रंग मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाने में मदद करता है.

भोग और पुष्प

मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री, चीनी से बनी मिठाई और पंचामृत का भोग अर्पित करना शुभ है. पूजा में सफेद या पीले फूल जैसे गेंदा और कमल अर्पित करना विशेष रूप से शुभ माना जाता है. यह भोग और पुष्प देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए आदर्श माने जाते हैं.

मंत्र जाप

पूजा के समय मंत्र का जाप अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. नवरात्र के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की कृपा पाने के लिए मंत्र “ॐ ऐं ह्रीं क्लीं ब्रह्मचारिण्यै नमः” का जाप करना लाभकारी है. इस मंत्र का उच्चारण श्रद्धा और भक्ति भाव से करने पर मानसिक शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा मिलती है.

आध्यात्मिक लाभ

मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से व्यक्ति के जीवन में बाधाएं कम होती हैं, ज्ञान की प्राप्ति होती है और मानसिक स्थिरता आती है. इस दिन की पूजा साधना, संयम और ज्ञान की देवी के सम्मान में की जाती है. यह दिन व्रतधारियों के लिए आध्यात्मिक अनुभव और मानसिक शांति का अवसर प्रदान करता है.

डिस्क्लेमर

इस लेख में दी गई जानकारियों का हम यह दावा नहीं करते कि ये जानकारी पूर्णतया सत्य एवं सटीक है. पाठकों से अनुरोध है कि इस लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें और इस क्षेत्र से जुड़े लोगों से राय के लें. https://www.inkhabar.Com/ इसकी सत्यता का दावा नहीं करता है.

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