Rajasthan News: राजस्थान के नागौर में नशे के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस ने एक बार फिर बड़ा एक्शन लेते हुए अवैध कमाई पर सीधा वार किया है. ऑपरेशन संकल्प नशा मुक्त नागौर के तहत कोतवाली थाना पुलिस ने एक आरोपी द्वारा नशा तस्करी से अर्जित की गई संपत्ति को फ्रीज कर दिया है, जिसकी बाजार कीमत करीब एक करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है.
एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस
मामला उस समय खुला जब प्रकरण संख्या 174/2025 (दिनांक 02 अक्टूबर 2025) में एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज केस की जांच के दौरान आरोपी की संपत्तियों का ब्योरा सामने आया. जांच में यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी गोविंद राम ने नशा तस्करी से कमाई कर नागौर के बीकानेर-डीडवाना बाईपास स्थित क्षेत्र में प्लॉट खरीदकर आलीशान मकान बनवाया था, जिसे बाद में उसकी पत्नी के नाम कर दिया गया.
संपत्ति फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू
पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट की धारा 68F के तहत इस संपत्ति को फ्रीज करने की प्रक्रिया शुरू की थी. यह मामला सक्षम प्राधिकारी, दिल्ली को भेजा गया, जहां विस्तृत जांच और सुनवाई के बाद 17 अप्रैल 2026 को फ्रीजिंग आदेश को सही ठहराते हुए कन्फर्म कर दिया गया. खास बात यह है कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही एनडीपीएस एक्ट के तहत कुल 4 मामले दर्ज हैं, जो उसके लंबे आपराधिक इतिहास की ओर इशारा करते हैं.
नागौर पुलिस की सख्ती
इधर, नागौर पुलिस की सख्ती का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कोतवाली थाना पुलिस ने मात्र एक महीने में नशा तस्करों की दो आलीशान संपत्तियां और दो लग्जरी वाहन फ्रीज करवाए हैं. इस पूरी कार्रवाई को जिला पुलिस अधीक्षक रोशना मीणा के निर्देशन में अंजाम दिया गया, जिसमें अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और वृत्त अधिकारी के सुपरविजन में कोतवाली थाना टीम ने अहम भूमिका निभाई.
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