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Jabalpur Encroachment case: मदन महल पहाड़ी पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है. सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तहत चल रही इस कार्रवाई पर अब भेदभाव के गंभीर आरोप लग रहे हैं. क्षेत्रीय अतिक्रमणकारियों के साथ मामले में न्यायालय की शरण लेने वाले संगठनों का भी आरोप हैं कि कार्रवाई के नाम पर रसूखदारों को अभयदान और निर्धनों के साथ सख्त रुख अपनाया जा रहा हैं. अतिक्रमणकारियों के साथ संगठनों का भी आरोप हैं कि अब तक बैलेंस रॉक के करीब बने तक्षशिला कॉलेज व दिगंबर जैन मंदिर द्वारा बड़े पैमाने पर किए गए कथित अवैध निर्माण के विषय में अब तक कार्रवाई नहीं की गई हैं. ज्ञात हो कि फरवरी 2019 में भी मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने तक्षशिला कॉलेज और पिसनहारी की मढिय़ा स्थित पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर से पूछा था कि उन्होंने पहाड़ी पर कैसे निर्माण कर लिया है. जस्टिस आरएस झा और जस्टिस संजय द्विवेदी की युगलपीठ ने राज्य शासन और नगर निगम को बिना किसी भेदभाव के मदनमहल पहाड़ी से अवैध निर्माण हटाने की कार्रवाई जारी रखने का आदेश दिया था. युगलपीठ ने राज्य शासन को मदनमहल, बदनपुर पहाड़ी और बाजनामठ का सर्वे कर दस दिन के भीतर जवाब पेश करने के निर्देश भी दिए थे.
याचिका में की गई अतिक्रमण हटाने की मांग
गढ़ा गोंडवाना संघ के किशोरीलाल भलावी, नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के डॉ. पीजी नाजपांडे और अधिवक्ता जकी अहमद की ओर से जनहित याचिका दायर कर मदनमहल पहाड़ी से अतिक्रमण हटाने की मांग की गई. याचिका में कहा गया कि पहाडिय़ों में अतिक्रमण की वजह से पर्यावरण को नुकसान पहुंच रहा हैं. राज्य शासन की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता अजय गुप्ता ने कहा कि मदनमहल पहाड़ी से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई निरंतर जारी है.
सूपाताल मस्जिद को हटाने का नोटिस
नगर निगम की ओर से अधिवक्ता अंशुमान सिंह ने बताया था कि सूपाताल मस्जिद से नगर निगम ने जवाब मांगा था. जवाब देखने के बाद 7 दिन में मस्जिद को हटाने का नोटिस दिया गया. होटल सी रॉक के दस्तावेजों का परीक्षण किया करने के बाद कार्रवाई की बात कही गई.
गलत रिपोर्ट पेश कर रहे अधिकारी
सतना बिल्डिंग निवासी जनहित याचिकाकर्ता अधिवक्ता सतीश वर्मा ने अपना पक्ष स्वयं रखते हुए कहा था कि टाउन और कंट्री प्लानिंग के अधिकारी गलत रिपोर्ट पेश कर रहे है. अभी भी पहाड़ी तोड़कर ड्यूप्लेक्स का निर्माण किया जा रहा है. पिसनहारी की मढिय़ा में वास्तविक निर्माण के अलावा कई भवन बना लिए गए हैं. अलग से बनाए गए भवनों का विवाह समारोह के लिए व्यवसायिक उपयोग किया जा रहा है. श्री वर्मा ने बताया कि पूर्व में हाईकोर्ट ने दरगाह हटाने के निर्देश दिए थे लेकिन अभी तक दरगाह को नहीं हटाया गया है.
सात साल में नहीं पेश किया जवाब
गढ़ा गोंडवाना संघ की ओर से अधिवक्ता बालकिशन चौधरी ने बताया कि हाईकोर्ट ने तक्षशिला कॉलेज और पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को 7 साल पहले नोटिस जारी किया था लेकिन अभी तक जवाब पेश नहीं किया गया है. युगलपीठ ने तक्षशिला कॉलेज और पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को जवाब पेश करने का निर्देश दिया है.
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