अब किस हालत में है निर्भया के दोषियों को फांसी देने वाला जल्लाद? सीएम योगी आदित्यनाथ से क्यों लगाई गुहार?

जल्लाद पवन (Executioner Pawan) जिन्होंने निर्भया केस (Nirbhaya Case) के दोषियों को फांसी दी थी उन्होंने सरकार से 10 हजार से बढ़ाकर 25 हजार प्रति महीने मानदेय (Honorarium) की मांग की है. आर्थिक तंगी (Financial Scarcity) का हवाला देते हुए उन्होंने पीएम मोदी (PM Modi) और सीएम योगी आदित्यनाश (CM Yogi Aditynath) से मदद की गुहार लगाई है.

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Executioner Pawan Condition: देश के सबसे ज्यादा चर्चित जल्लादों में से एक पवन को आपमें  से बहुत ही कम लोग जानते होंगे. पवन वहीं शख़्स हैं जिन्होंने निर्भया के दोषियों की फांसी दी थी. लेकिन अब उन्होंने सरकार से अपना मानदेय बढ़ाने की गुहार लगाई है. 

पवन ने की सरकार से मानदेय बढ़ाने की मांग

पवन ने जिला कारागार के जेल अधीक्षक वीरेश राज शर्मा को आवेदन लिखकर जानकारी देते हुए बताया कि उन्हें वर्तमान में केवल 10 हजार रुपये दिए जा रहे हैं. साथ ही उन्होंने कहा कि इतने कम खर्चे में वह अपने परिवार का गुज़ारा नहीं कर पा रहे हैं. उन्होंने सरकार से मांग करते हुए कहा कि 10 हजार के बदले उनके मानदेय को 25 हजार रुपये किया जाए. इस मामले में जेल प्रशासन ने उनकी याचिका शासन तक भेज दी है और फिलहाल सरकार से फैसले का इंतजार किया जा रहा है. 

आखिर कौन हैं पवन? बताया फांसी देने की प्रक्रिया

पवन वहीं जल्लाद हैं जिन्होंने साल 2020 में 20 मार्च को निर्भया गैंगरेप-मोर्डर केस के चार दोषियों को फांसी दी थी. उन्होंने बताया कि निर्भया फांसी के बाद देश में बड़े पैमाने पर कोई फांसी नहीं हुई है. उन्होंने साथ ही कहा कि वह नियमित रूप से मेरठ जिला कारागार में हाज़िरी देते रहते हैं और किसी भी कॉल का इंतज़ार करते हैं. इस दौरान उन्होंने यह भी बताया कि फांसी के तुरंत बाद ही 15 मिनट के अंदर मृतक का शरीर ठंडा पड़ जाता है और आधे घंटे के अंदर हार्टबीट की पुष्टि कर मृतक के प्राण समाप्त होने की औपचारिक घोषणा होती है.

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पवन ने पीएम मोदी से लगाई न्याय की गुहार

पवन ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि फांसी का काम कड़वा और बहुत ही जिम्मेदारि भरा है, लेकिन मिलने वाले मानदेय से जीवन व्यतीत करना लगातार मुश्किल हो रहा है.  उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपनी आर्थिक हालत को देखते हुए मानदेय बढ़ाने  की जल्द से जल्द गुहार लगाई है. 

मामले में क्या कहता है जेल प्रशासन?

इस मामले में जेल प्रशासन ने जानकारी देते हुए कहा कि पवन की याचिका को जेल प्रशासन ने भेज दिया है और अधिकारी उसे उचित स्तर पर विचार के लिए भेजने की कोशिश करेंगे. लेकिन, फांसी के अधिकार और उससे जुड़ी प्रक्रियाएं कानूनी और प्रशासनिक तौर पर बेहद ही सख्त हैं. फांसी देने वाले कर्मियों के मानदेय और सामाजिक-आर्थिक सुरक्षा पर अक्सर बहस होती रहची है. 

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