अपने साथी के साथ कैसे करें संवाद, विशेषज्ञों ने दिया यह अनोखा सुझाव

प्रभावी संवाद (Effective Communication) किसी भी सुखी और खराब रिश्ते (Happy and Sad Relationship) को बचाने में बेहद ही मदद करता है.

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How to communicate better with your partner:  प्रभावी संवाद (Effective Communication) किसी भी सुखी और खराब रिश्ते को बचाने में बेहद  ही मदद करता है. ज्यादातर लोगों के बीच लड़ाई-झगड़े इसलिए नहीं होते, क्योंकि वह एक दूसरे प्यार नहीं करते हैं. बल्कि इसलिए भी होते हैं क्योंकि वे अपनी बाच सही तरीके से नहीं कर पाते हैं. संबंध विशेषज्ञों के मुताबिक, बात केवल बोलने के बारे में ही नहीं, बल्कि समझने के साथ-साथ और समझने जाने के बारे में ही है. 

1. सक्रिय रूप से सुनना (Active Listening)

ऐसे मामलों में कुछ विशेषज्ञों का कहना है कि जब आपका साथी बोल रहा हो, तो उसे केवल उत्तर देने के लिए न सुनें, बल्कि उसकी भावनाओं को समझने की भी पूरी तरह से कोशिश करनी चाहिए. इसके साथ ही उनके बोलने के दौरान बीच में न टोकें. और साथ ही खास तौर से ध्यान रखें कि उनके शरीर की भाषा (Body Language) पर भी आपका ध्यान होना चाहिए और यह सुनिश्चित करें कि आप पूरी तरह से वहां उनके सामने ही मौजूद हैं. 

2. “मैं” कथनों का उपयोग करें (Use “I” Statements)

इसके अलावा जब आप किसी भी तरह की शिकायत करते हैं, तो “तुम हमेशा ऐसा करते हो” जैसे शब्दों से ज्यादा से ज्यादा और जितना हो सके उतना बचने की कोशिश करें.  इसके बजाय, “मुझे ऐसा महसूस होता है जब…” या “मैं चाहूंगा/चाहूंगी कि…” का इस्तेमाल ज्यादा करने की कोशिश करें. दरअसल, ऐसा करने से  यह आपके साथी पर आरोप लगाए बिना आपकी भावनाओं को समझने में बेहद ही मदद करेगा. 

3. सही समय का करें चुनाव

तो वहीं, दूसरी तरफ गंभीर विषयों पर तब चर्चा न करें जब आप या आपका साथी थके हुए, भूखे या तनाव में हों। विशेषज्ञों का सुझाव है कि कठिन बातचीत के लिए एक ऐसा समय चुनें जब दोनों शांत हों। यदि बहस गरमा जाए, तो 20 मिनट का ‘टाइम-आउट’ लें और शांत होने के बाद वापस बात करें।

4. धारणाएं न बनाएं (Don’t Assume)

ज्यादातर हम यह मान लेते हैं कि हमारा साथी जानता है कि हम क्या सोच रहे होते हैं. दरअसल, यह गलतफहमी का सबसे बड़ी वजह होती है.  साफ-साफ शब्दों में  पूछें और अपनी जरूरतों को समझने की कोशिश भी करें. “मुझे लगा कि तुम समझ जाओगे” कहने के बजाय अपनी अपेक्षाएं को हमेशा साफ रखनी चाहिए. 

5. गैर-मौखिक संचार (Non-Verbal Communication)

आपके शब्द जो कहते हैं, उससे कहीं ज्यादा आपका लहजा और शारीरिक हाव-भाव मायने रखता है. बात करते समय खास तौर से ध्यान रखें कि आंखों से संपर्क (Eye Contact) बनाए रखें और अपने स्वर को नरम रखें. क्योंकि, कभी-कभी एक कोमल स्पर्श या हाथ पकड़ना कठिन बातचीत को भी बेहद ही आसान बनाने में आपकी मदद करता है. 

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