West Bengal Election Date 2026: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का इंतजार आखिरकार खत्म हो गया है. चुनाव आयोग ने राज्य में होने वाले चुनाव का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है. आयोग के अनुसार पश्चिम बंगाल में इस बार दो चरणों में मतदान कराया जाएगा. पहले चरण के तहत 23 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे, जबकि दूसरे चरण का मतदान 29 अप्रैल को होगा. दोनों चरणों की वोटिंग पूरी होने के बाद 4 मई को मतगणना कराई जाएगी और उसी दिन यह साफ हो जाएगा कि राज्य की सत्ता पर किस पार्टी का कब्जा होगा.
2021 में आठ चरणों में हुआ था मतदान
साल 2021 के विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड आठ चरणों में मतदान कराया गया था. पहले चरण की वोटिंग 27 मार्च को हुई थी, जबकि अंतिम यानी आठवें चरण की वोटिंग 29 अप्रैल को कराई गई थी. लंबी चुनावी प्रक्रिया ने उस समय पूरे देश का ध्यान बंगाल की ओर खींच लिया था.
पिछली बार कैसे रहे थे नतीजे
2021 के विधानसभा चुनाव के नतीजे 2 मई को घोषित हुए थे. उस चुनाव में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की अगुवाई वाली तृणमूल कांग्रेस ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 294 में से 213 सीटों पर जीत हासिल की थी. दूसरी ओर, बीजेपी ने 77 सीटें जीतकर पहली बार राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी के रूप में मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई थी. वहीं, लंबे समय तक बंगाल की राजनीति पर छाए रहे लेफ्ट और कांग्रेस का गठबंधन शून्य पर सिमट गया था. इंडियन सेक्युलर फ्रंट और निर्दलीय उम्मीदवारों को एक-एक सीट पर जीत मिली थी.
इस बार गठबंधनों की तस्वीर बदली
2026 के चुनाव में राजनीतिक समीकरण काफी बदले हुए नजर आ रहे हैं. तृणमूल कांग्रेस ने पहले ही “एकला चलो” का संकेत दे दिया है, यानी पार्टी अकेले ही चुनाव मैदान में उतरने की तैयारी में है. बीजेपी भी इस बार पूरे दमखम के साथ अकेले मुकाबले की रणनीति पर काम कर रही है. वहीं कांग्रेस के भीतर भी यह आवाज उठ रही है कि पार्टी इस बार लेफ्ट के साथ गठबंधन किए बिना अकेले चुनाव लड़े. हालांकि, कांग्रेस और लेफ्ट के संभावित गठबंधन को लेकर अभी तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है.
नए खिलाड़ियों की भी एंट्री
इस चुनाव में एक और दिलचस्प पहलू यह है कि हुमायूं कबीर की अगुवाई में एक नई पार्टी भी चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी कर रही है. ऐसे में मुकाबला सिर्फ पारंपरिक दलों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि नए राजनीतिक समीकरण भी देखने को मिल सकते हैं. दो चरणों में होने वाला यह चुनाव भले ही समय के लिहाज से छोटा हो, लेकिन राजनीतिक दांव पहले से कहीं बड़ा माना जा रहा है. एक तरफ तृणमूल कांग्रेस अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश करेगी, तो दूसरी ओर बीजेपी राज्य में सत्ता परिवर्तन के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी.