West Bengal Election: पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में राजनीतिक गर्मी काफी तेज हो गई है. सभी पार्टी का हर कैंडिडेट अपनी जीत के लिए जोरो -शोरों से प्रचार कर रहा है. इसी बीच एक कैंडिडेट ऐसा है जिसके प्रचार ने लोगों का ध्यान खीच लिया है. बिधाननगर सीट से BJP कैंडिडेट शरदवत मुखर्जी का प्रचार करने का तरीका काफी अलग था. अपने प्रचार में BJP कैंडिडेट शरदवत मुखर्जी ने अपने हाथ में मछली पकड़ी और लोगों से वोट मांगे. तभी उन्होंने ममता बनर्जी पर हमला भी बोल दिया. आइए जानते हैं कि उन्होंने क्या कहा-
अपने दौर पर बिधाननगर से BJP उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी ने अपनी रणनीति के बारे में बताया. साथ ही हाथ में मछली लेकर प्रचार करने पर भी उन्होंने कहा कि सभी ने ममता बनर्जी की वो बात तो सुनी होगी की “अगर BJP सत्ता में आई, तो मांसाहारियों की जिंदगी बर्बाद हो जाएगी.” लेकिन ममता बनर्जी को ये नहीं याद है कि त्रिपुरा में पिछले 10 सालों से BJP की सत्ता है और ये एक ऐसा राज्य है जहां पर 95 फीसदी बंगाली रहते है. इसी वजह से मैने मधली खरीदकर अपना चुनाव प्रचार ऐसे किया है. हम बंगाली लोग किसी भी शुभ काम की शुरूआत मछली खरीद के ही करते है.
नवरात्रि में कितना सही है ये प्रचार
जैसा की सभी को पता है नवरात्रि का त्योहार चल रहा है. ऐसे में हाथ में मछली लेकर प्रचार करना कितना सही है और गलत है? इसी सवाल के चलते शरदवत मुखर्जी ने कहा कि बंगाल में लोग नवरात्रि के समय भी मछली खाते हैं. यहां पर हर समुदाए के लोग मांसाहारी है और हर इंसान की खुद की पसंद होती है. फिर उनसे पूछा गया कि अगर वो जीत गए तो क्यों विधानसभा के अंदर मछली बटेगी, इस पर बीजेपी कैंडिडेट ने कहा कि अगर हम जीत गए तो विधानसभा के अंदर हिलसा मछली, झींगे और दूसरी स्वादिष्ट चीजें बांटेंगे.
साथ ही उन्होंने ये भी कहा कि वो ममता बनर्जी को भी मछली बनाकर खिलाएंगे और उनके कालीघाट स्थित घर पर और उनके भतीजे के लिए भी मछली भिजवाएंगे. क्योंकि देखने में लगता है कि उनका वजन घट गया है और उन्हें मछली खाने की जरूरत है.
तेजस्वी यादव को लेकर कही ये बात
बिहार में नवरात्रि के दौरान RJD नेता तेजस्वी यादव के मछली वाले वीडियो पर BJP की आपत्ति को लेकर मुखर्जी ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि हर राज्य की अपनी अलग परंपराएं और मान्यताएं होती हैं. उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि यदि दक्षिण भारत के लोगों से खट्टा खाना छोड़ने को कहा जाए, तो वे ऐसा नहीं करेंगे. अलग-अलग समाजों में खान-पान की आदतें भिन्न होती हैं. मांसाहारी भोजन पर प्रतिबंध के सवाल पर BJP उम्मीदवार शरदवत मुखर्जी ने साफ किया कि उनकी ऐसी कोई मंशा नहीं है, बल्कि वे इसका सपोर्ट ही करेंगे.