भारतीय रेलवे से जुड़ी एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने सफर के शौकीनों का उत्साह बढ़ा दिया है. कभी हमने सोचा था कि भारत में ट्रेनें हवाई जहाज की रफ्तार से बात करेंगी? शायद नहीं. लेकिन अब यह हकीकत बनने जा रही है। रेलवे मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि साल 2027 में वंदे भारत का सबसे घातक और एडवांस 4.0 वर्जन लॉन्च होने जा रहा है.
आइये जानते हैं वंदे भारत के नेक्स्ट जनरेशन के बारे में…
350 किमी प्रति घंटा की रफ़्तार से दौड़ेगी वंदे भारत
वंदे भारत 4.0 की सबसे बड़ी खूबी इसकी स्पीड है. PIB ने जो जानकारी साझा की है उसके मुताबिक, इसके रेल कॉरिडोर की क्षमता 350 किमी प्रति घंटा (KMPH) होगी. यानी अब एक शहर से दूसरे शहर जाने में उतना ही वक्त लगेगा, जितना शायद आपको ऑफिस से घर पहुंचने में लगता है। यह भारत की अब तक की सबसे तेज दौड़ने वाली ट्रेन होगी, जो सीधे तौर पर दुनिया की बेहतरीन बुलेट ट्रेनों को चुनौती देगी.
17 जनवरी को वंदे भारत स्लीपर को मिलेगी हरी झंडी
अगर हम पीछे मुड़कर देखें, तो वंदे भारत ने बहुत कम समय में एक लंबा सफर तय किया है: इसकी शुरुआत 2019 में हुई थी. 15 फरवरी 2019 को पहली वंदे भारत ने पटरी पर कदम रखा था. 30 सितंबर 2022 को इसका 2.0 वर्जन आया, जो पहले से हल्का और तेज था. पिछले साल यानी 2025 में वंदे भारत 3.0 को पूरी तरह ऑपरेशनल कर दिया गया और अब इसी महीने 17 जनवरी 2026 से ‘वंदे भारत स्लीपर’ की शुरुआत हो गई है, ताकि आप सोते हुए लंबा और आरामदायक सफर तय कर सकें.
वंदे भारत कवच 5.0
तेज रफ्तार का मतलब यह नहीं कि सुरक्षा पीछे छूट जाए. वंदे भारत 4.0 में कवच 5.0 लगाया जा रहा है. यह भारत का अपना ‘सुरक्षा घेरा’ है जो ट्रेन को किसी भी तरह की टक्कर या दुर्घटना से बचाएगा. इसके साथ ही इसमें यात्रियों के लिए ‘फाइव स्टार’ सुविधाएं, अपग्रेडेड टॉयलेट्स और शानदार इंटीरियर फिनिशिंग मिलेगी.
2047 तक 4,500 वंदे भारत ट्रेनें दौड़ेंगी
रेल मंत्रालय का विजन सिर्फ एक-दो ट्रेनों तक सीमित नहीं है। मंत्रालय का दावा है कि साल 2047 तक देश में 4,500 वंदे भारत ट्रेनें दौड़ेंगी यानी आने वाले समय में भारत के हर छोटे-बड़े जिले में इस प्रीमियम ट्रेन की कनेक्टिविटी होगी. यह बदलाव केवल रेलवे का नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत’ की ओर बढ़ते एक आम हिंदुस्तानी के सपनों का सफर है. अब बस इंतजार है 2027 का, जब हम और आप 350 की रफ्तार से देश को करीब से देखेंगे.