UPSC CSE Result 2025: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा 2025 का परिणाम 6 मार्च 2026, शुक्रवार को जारी कर दिया गया है. रिजल्ट सामने आते ही एक दिलचस्प ट्रेंड देखने को मिल रहा है. बता दें कि, इस बार टॉप रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवारों में 39 ऐसे कैंडिडेट हैं, जिन्होंने पिछले साल भी UPSC की फाइनल लिस्ट में अपनी जगह बनाई थी. खास बात तो यह है कि इन सभी उम्मीदवारों की रैंक 130 के भीतर है. जिससे इनके IAS बनने का रास्ता साफ माना जा रहा है.
इस ट्रेंड में साफ नजर आ रहा है कि कई उम्मीदवार पहले सिलेक्ट होने के बाद भी संतुष्ट नहीं हुए और बेहतर रैंक पाने की इच्छा के चलते वापस परीक्षा दी, जिसको लेकर सोशल मीडिया पर एक नई बहस देखने को मिल रही है.
“रैंक इम्प्रूवमेंट अटेम्प्ट”
UPSC में कई बार उम्मीदवार पहली बार चयनित होने पर IPS, IRS या अन्य ग्रुप-ए सेवाओं में अपनी जगह बना लेते हैं, लेकिन उन उम्मीदवारों को खास तौर पर IAS बनना होता है. इसी वजह से वे दोबारा एग्जाम देते हैं, ताकी बेहतर रैंक हासिल कर सकें.इस प्रक्रिया को “रैंक इम्प्रूवमेंट अटेम्प्ट” कहा जाता है
फाइनल मेरिट लिस्ट
UPSC CSE 2025 के नतीजों में सामने आए आंकड़ों के मुताबिक, करीब 38 उम्मीदवार ऐसे हैं, जिन्होंने साल 2023 और 2024 की फाइनल मेरिट लिस्ट में अपनी जगह बनाई थी. इन उम्मीदवारों ने एक बार फिर परीक्षा देकर अपनी रैंक को काफी हद तक सुधार लिया है.
A look at 2025 rankers who had a rank EITHER in 2023 or 2024 #UPSC
(New rules are so important, everything now makes sense🤯) pic.twitter.com/fYRC6s81sp
— UPSC CSE WHY (@CseWhy) March 6, 2026
लिस्ट में कई नाम शामिल
अकांक्ष धुल ने इस साल ऑल इंडिया रैंक (AIR) 3 हासिल की है. खास बात तो यह है कि उनका नाम पिछले दो वर्षों की मेरिट लिस्ट में भी आ चुका है.
2024: 295 रैंक
2023: 342 रैंक
2025: 3 रैंक
UPSC लिस्ट में 35 अन्य उम्मीदवार ऐसे हैं, जिनका नाम 2023 या 2024 के किसी एक रिजल्ट में दर्ज था.
सोशल मीडिया पर बहस
इस ट्रेंड के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा काफी तेज हो गई है.कई लोग इसे मेहनत और उदाहरण कह रहे हैं. वहीं कुछ लोग सीटों के नुकसान से भी जोड़कर देख रहे हैं. इससे नई प्रतिभाओं के अवसर कम होने की बहस देखने को मिलती है.
क्या कहता है नए नियमों ?
UPSC से नए नियमों के मुताबिक, अगर उम्मीदवार पहले से IAS सेवा में शामिल हो चुका है. तो वह दोबारा परीक्षा देकर रैंक सुधारने के लिए नहीं बैठ सकता है. विशेषज्ञों के मुताबिक, इस नियम के लागू होने से भविष्य में रैंक इम्प्रूवमेंट के ऐसे मामले कम देखने को मिलेंगे.
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