Telegram Notice: ऑनलाइन पाइरेसी को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है. सरकारी सूत्रों के अनुसार सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम को सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम 2000 के तहत नोटिस जारी किया है. मंत्रालय ने टेलीग्राम से अपने प्लेटफॉर्म पर मौजूद पाइरेटेड यानी कॉपीराइट का उल्लंघन करने वाली सामग्री को तुरंत हटाने के निर्देश दिए हैं. यह कदम फिल्मों और ओटीटी कंटेंट की अवैध शेयरिंग से जुड़े मामलों में बढ़ती शिकायतों के बाद उठाया गया है.
शिकायत के बाद शुरू हुई जांच
सरकारी सूत्रों के मुताबिक यह कार्रवाई कई बड़े ओटीटी प्लेटफॉर्म की शिकायतों के बाद की गई है. इनमें जिओ सिनेमा अमेज़न प्राइम वीडियो जैसे प्लेटफॉर्म शामिल हैं. इन प्लेटफॉर्म का आरोप है कि उनकी फिल्मों और वेब सीरीज को टेलीग्राम के कई चैनलों पर बिना अनुमति के अपलोड और साझा किया जा रहा है. इससे कॉपीराइट का उल्लंघन हो रहा है और डिजिटल कंटेंट उद्योग को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है.
इन चैनलों की हुई पहचान
शिकायतों के आधार पर की गई जांच में बड़ी संख्या में ऐसे चैनलों की पहचान हुई है जो पाइरेटेड कंटेंट साझा कर रहे थे. सूत्रों के अनुसार कुल 3142 टेलीग्राम चैनलों को चिन्हित किया गया है, जहां फिल्मों और ओटीटी कार्यक्रमों की अवैध प्रतियां उपलब्ध कराई जा रही थीं. सरकार का कहना है कि इन चैनलों के जरिए नई रिलीज फिल्मों और वेब सीरीज को भी अवैध रूप से साझा किया जा रहा था, जिससे डिजिटल प्लेटफॉर्म को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है.
कॉपीराइट कानून का उल्लंघन अपराध
विशेषज्ञों का कहना है कि कॉपीराइट वाले कंटेंट को बिना अनुमति साझा करना कानून का उल्लंघन है. सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और कॉपीराइट कानून के तहत इस तरह की गतिविधियों पर कार्रवाई की जा सकती है.
डिजिटल माध्यमों के तेजी से बढ़ते उपयोग के कारण ऑनलाइन पाइरेसी एक बड़ी चुनौती बन गई है. इसी वजह से सरकार और कंटेंट कंपनियां इस पर रोक लगाने के लिए लगातार कदम उठा रही हैं.