Old Cave Vaishno Devi: मकर संक्रांति के शुभ अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने भक्तों के लिए कटरा स्थित पवित्र धाम में मौजूद ऐतिहासिक और प्राकृतिक (पुरानी) गुफा को पुनः खोल दिया. इस अवसर पर विधिवत पूजा-अर्चना, वैदिक मंत्रोच्चारण और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए गए, जिसके बाद गुफा के द्वार श्रद्धालुओं के दर्शन हेतु खोल दिए गए.
प्राकृतिक गुफा को खोलने का यह निर्णय मकर संक्रांति के महत्व को और भी बढ़ा देता है, क्योंकि यह पर्व हिंदू परंपरा में शुभ परिवर्तन, नई शुरुआत और आध्यात्मिक उन्नति का प्रतीक माना जाता है.
पुरानी गुफा का धार्मिक इतिहास
माता वैष्णो देवी की इस पुरानी गुफा का धार्मिक इतिहास अत्यंत प्राचीन माना जाता है, और इसी कारण यहां दर्शन करने वाले भक्त इसे विशेष अध्यात्मिक वरदान समझते हैं. आमतौर पर पूरे वर्ष में लाखों श्रद्धालुओं की संख्या के चलते इस पुरानी गुफा को बंद रखा जाता है, क्योंकि तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ के बीच सुगम और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना चुनौतीपूर्ण होता है.
श्राइन बोर्ड के अनुसार प्राकृतिक गुफा को केवल जनवरी और फरवरी के महीनों में खोला जाता है, जब यात्रियों की तुलना में भीड़ अपेक्षाकृत कम होती है. इस अवधि के दौरान श्रद्धालुओं को माता वैष्णो देवी के मूल स्वरूप के दर्शन का दुर्लभ और अनूठा अवसर मिलता है.
आध्यात्मिक संवेग, ऊर्जा और श्रद्धा का विशेष मेल
इस अनुभव को भक्त अत्यंत पवित्र मानते हैं, क्योंकि इसमें उनके लिए आध्यात्मिक संवेग, ऊर्जा और श्रद्धा का विशेष मेल होता है. इसके अलावा माना जाता है कि प्राकृतिक गुफा के दर्शन से भक्तों को माता की दिव्य उपस्थिति का साक्षात अनुभव मिलता है. वर्ष के बाकी महीनों में गुफा को बंद रखने पर तीर्थयात्री नवनिर्मित वैकल्पिक मार्ग और गुफाओं के माध्यम से गर्भगृह तक पहुंचते हैं.
मकर संक्रांति जैसे महत्वपूर्ण पर्व पर प्राकृतिक गुफा का पुनः उद्घाटन न केवल धार्मिक आस्था का उत्सव है, बल्कि माता वैष्णो देवी के भक्तों के लिए आध्यात्मिक निकटता, परंपरा और विश्वास से जुड़ने का एक दुर्लभ अवसर भी है.