Railway Guidelines: भारतीय रेलवे हर दिन लाखों लोगों को एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाती है. यात्रा से पहले लोग टिकट बुक करते हैं, जरूरी सामान पैक करते हैं और सफर पर निकल जाते हैं. लेकिन ट्रेन में सामान ले जाने को लेकर कुछ नियम भी होते हैं. क्या ले जाना है, कितना ले जाना है और किस तरह पैक करना है. इन सब पर रेलवे ने साफ दिशा-निर्देश बनाए हैं. इन नियमों को जानना इसलिए जरूरी है ताकि यात्रा के दौरान कोई परेशानी न हो.
क्या ट्रेन में घी ले जाना सही है?
कई यात्रियों के मन में ये सवाल रहता है कि क्या वे ट्रेन में घी ले जा सकते हैं. अक्सर लोग बिना नियम जाने घी साथ रख लेते हैं और बाद में दिक्कत में पड़ जाते हैं. इसलिए सफर शुरू करने से पहले ये समझना जरूरी है कि रेलवे घी ले जाने को लेकर क्या कहता है.
रेलवे का नियम क्या है?
भारतीय रेलवे के नियमों के अनुसार यात्री अपने साथ घी ले जा सकते हैं. हालांकि इसकी मात्रा तय की गई है. एक यात्री अधिकतम 20 किलो तक घी साथ ले जा सकता है. अगर इससे ज्यादा घी ले जाना हो, तो पहले रेलवे से अनुमति लेना जरूरी होता है.
सिर्फ मात्रा ही नहीं, पैकिंग पर भी ध्यान देना जरूरी है. घी को मजबूत टिन, डिब्बे या कनस्तर में अच्छी तरह बंद करके रखना चाहिए. पैकिंग ऐसी होनी चाहिए कि रास्ते में घी बाहर न निकले.
पैकिंग क्यों है जरूरी?
अगर घी ठीक से पैक न हो और रास्ते में लीक हो जाए, तो इससे परेशानी बढ़ सकती है. ट्रेन के डिब्बे में फर्श पर घी गिरने से फिसलन हो सकती है, जिससे यात्रियों के गिरने का खतरा रहता है. इसके अलावा घी ज्वलनशील होता है, इसलिए लीक होने पर आग का जोखिम भी बन सकता है. इसी वजह से रेलवे पैकिंग को लेकर सख्ती बरतता है.
नियम न मानने पर क्या हो सकता है?
अगर कोई यात्री बिना अनुमति 20 किलो से ज्यादा घी ले जाता है या पैकिंग ठीक नहीं होती, तो रेलवे कार्रवाई कर सकता है. ऐसे में सामान जब्त किया जा सकता है और नियमों के अनुसार जुर्माना भी लगाया जा सकता है.
सफर से पहले रखें ये बात ध्यान में
ट्रेन यात्रा को आसान और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी है कि रेलवे के नियमों का पालन किया जाए. घी या किसी भी ऐसे सामान को साथ ले जाते समय मात्रा और पैकिंग का खास ध्यान रखें. थोड़ी सी सावधानी से आप बेफिक्र होकर अपना सफर पूरा कर सकते हैं.

