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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कैसे बदला भारत के ‘बदला’ लेने का जज्बा?

Indian Army during PM Modi Tenure: प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने अपने कार्यकाल में भारतीय सेना के लिए कई ऐसे फैसले लिए हैं. जिससे हमारे देश की आर्मी सुदृढ़ हुई है.

By: Sohail Rahman | Published: September 17, 2025 8:46:41 AM IST



PM Modi Birthday Today: साल 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम मोदी के नेतृत्व में भाजपा को ऐतिहासिक जीत मिली. मई 2014 में उन्होंने 14वें प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली. इसके बाद से भारत का दुश्मन देशों से बदला लेने का चलन बदल गया. चीन, पाकिस्तान और बांग्लादेश जैसे चिर प्रतिद्वंदी दुश्मन भी भारत के सामने झुककर रहे. आप सभी यह बखूबी जानते हैं कि चीन और पाकिस्तान कभी मित्र नहीं हो सकते हैं. चीन और पाकिस्तान दोनों ही इस तरह की हरकतें करते रहे हैं, जिससे उनकी भारत के प्रति दुर्भावना भी झलकती है.

पीएम मोदी के नेतृत्व में भारत की सेना हुई मजबूत (India’s army has become stronger under the leadership of PM Modi) 

ऐसे में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ( Prime Minister Narendra Modi) के नेतृत्व में हमारी सेना देश की सुरक्षा के लिए हर दुस्साहस का करारा और मुंहतोड़ जवाब देती है. ऐसे में आइये जानते हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने सेना को लेकर कौन-कौन से अहम निर्णय लिए हैं. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में भारत रक्षा के क्षेत्र में बहुत ही मजबूत हो गया है. आज पूरा विश्व जानता है कि यह ‘नया भारत’ है. पुलवामा और पहलगाम हमले के बाद पाकिस्तान को उसके घर में घुसकर सेना ने जबाव दिया. यह मोदी के फैसलों का नतीजा है.

वन रैंक-वन पेंशन किया लागू (One rank-one pension implemented) 

पीएम मोदी ने वर्षों से अटकी हुई वन रैंक-वन पेंशन (One Rank One Pension) को वर्ष 2015 में लागू किया. आपको जानकारी के लिए बता दें कि वन रैंक-वन पेंशन (One Rank One Pension) सुनिश्चित करता है कि समान अवधि की सेवा वाले सभी पेंशनभोगी समान पेंशन प्राप्त करें. आजादी के बाद से 30 लाख से अधिक पूर्व सैनिकों के लिए यह सबसे बड़ा कल्याणकारी उपाय रहा है. ओआरओपी पर वार्षिक व्यय लगभग 7000 करोड़ रुपये वार्षिक है. लेकिन इस कल्याणकारी योजना से सैनिकों और उनके परिवारों का मनोबल बहुत बढ़ा है.

उरी अटैक के बाद भारतीय सेना ने पहली बार किया सर्जिकल स्ट्राइक (After Uri attack, Indian army did surgical strike for the first time) 

उरी में सैन्य शिविर पर हुए एक बड़े आतंकी हमले के बाद, प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2016 में नियंत्रण रेखा के पार आतंकी शिविर पर हमला करने का साहसिक फैसला लिया. यह भारतीय सेना के विशेष बलों द्वारा नियंत्रण रेखा के पार किया गया पहला आधिकारिक हमला था, जिससे पाकिस्तान स्तब्ध रह गया और वह जवाबी कार्रवाई भी नहीं कर सका. इस हमले ने पाकिस्तान को नियंत्रण रेखा पर भारत के साथ युद्धविराम समझौता करने पर मजबूर कर दिया. वर्ष 2019 में पाकिस्तान के बालाकोट पर किया गया हवाई हमला इसी बदलाव का नतीजा था. 

पहलगाम आतंकी हमले का दिया मुंहतोड़ जवाब (Gave a befitting reply to the Pahalgam terrorist attack)

जम्मू कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल, 2025 को पाकिस्तान के आए आतंकियों ने 26 निर्दोष लोगों को गोलियों से भूनकर हत्या कर दी. जिसके बाद पूरे देश में आक्रोश व्याप्त हो गया. इसके बाद भारतीय सेना ने जो बदला लिया वो पाकिस्तान को युगों-युगों तक याद रहेगा. पहलगाम आतंकी हमले (Pahalgam Terror Attack) के जवाब में 6 और 7 मई की दरमियानी रात को भारतीय सेना (Indian Army) ने ऑपरेशन सिंदूर (Operation Sindoor) की शुरुआत की. भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओके में आतंकवादियों के नौ ठिकानों को तबाह कर दिया. 

7 मई को पड़ोसी देश से ढही इमारतों की तस्वीरें आने लगीं. पाकिस्तान (Pakistan) ने इसका जवाब देने की कायराना कोशिश की और पाकिस्तान ने भारत के कई शहरों पर हवाई हमले करने की कोशिश की. हालांकि, भारत की मज़बूत वायु रक्षा प्रणाली (India Air Defence System) ने पाकिस्तान के हर नापाक मंसूबों को नाकाम कर दिया. पाकिस्तान की ओर से एक के बाद एक ड्रोन हमले किए गए. भारत ने सभी ड्रोन हमलों को नाकाम कर दिया. 

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