Categories: देश

Explainer: नए लेबर कोड पर ट्रेड यूनियनों का जोरदार विरोध! आपकी नौकरी में क्या बदलेगा? आपके लिए वरदान या नुकसान; यहां पढ़िए पूरी रिपोर्ट

New Labour Code को लेकर ट्रेड यूनियनों ने जोरदार विरोध दर्ज कराया है. जानिए आपकी नौकरी, वेतन, शिफ्ट और सुरक्षा पर इसका क्या असर पड़ेगा. यह बदलाव कर्मचारियों के लिए वरदान है या नुकसान.यहां पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

Published by Shivani Singh

केंद्र सरकार ने बीते दिन शुक्रवार को देश में 4 नए लेबर कानून लागू किये इसके बाद से भारत की दस प्रमुख ट्रेड यूनियनों ने सरकार द्वारा नए लेबर कोड लागू किए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है. दशकों बाद किए गए इस बड़े बदलाव को यूनियनों ने मजदूरों के साथ धोखाधड़ी बताया है. जिसके बाद ट्रेड यूनियनों ने शुक्रवार को ही जारी अपने संयुक्त बयान में मांग की है कि अगले सप्ताह के बुधवार से पहले सरकार इन कानूनों को वापस ले नहीं तो राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

आपको बता दें कि मोदी सरकार ने पांच साल पहले संसद से पारित चारों लेबर कोड अब लागू कर दिए हैं. सरकार ने इसे लागू करते हुए ये तर्क दिया है कि ये बदलाव पुराने, औपनिवेशिक दौर के नियमों को आसान बनाते हैं और निवेशकों के लिए माहौल को ज्यादा सहज बनाते हैं. सरकार का कहना है कि नए प्रावधानों से श्रमिकों की सुरक्षा और सामाजिक ढांचा मजबूत होगा.

इन बातों को लेकर है नाराजगी

लेकिन यूनियनों की नाराज़गी की वजह अलग है. उनका कहना है कि जहां एक ओर इन कोड में सोशल सिक्योरिटी और न्यूनतम वेतन जैसी सुविधाएं शामिल हैं, वहीं दूसरी ओर कंपनियों को कर्मचारियों की भर्ती और छंटनी में पहले से कहीं अधिक छूट मिल जाएगी यही नहीं नए नियमों में फैक्ट्रियों में लंबी शिफ्टों की अनुमति, महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट की मंज़ूरी मिल जाएगी और बिना पूर्व अनुमति के छंटनी की सीमा 100 से बढ़ाकर 300 कर्मचारियों तक कर दी गई है. यूनियनों के अनुसार ये बदलाव कंपनियों के लिए तो सुविधाजनक हैं लेकिन मजदूरों की स्थिति कमजोर कर देगी.

श्रम मंत्रालय ने यूनियनों की आपत्तियों पर रॉयटर्स के सवालों का तुरंत जवाब नहीं दिया. मंत्रालय के एक आंतरिक दस्तावेज़ से पता चलता है कि जून 2024 से सरकार यूनियनों के साथ 12 से अधिक दौर की बातचीत कर चुकी है.

Related Post

Explainer: गिग वर्कर्स कौन होते हैं और 4 नए लेबर कोड से उन्हें क्या मिलेगा? यहां समझिए पूरा गणित

व्यापार जगत लंबे समय से भारत के जटिल श्रम कानूनों को मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के विकास में बाधा मानता रहा है. लेकिन एसोसिएशन ऑफ इंडियन एंटरप्रेन्योर्स ने इस आशंका का इज़हार किया कि नए कोड छोटे और मझोले उद्योगों के लिए लागत बढ़ा देंगे और कई अहम क्षेत्रों में कामकाज प्रभावित हो सकते हैं. संगठन ने सरकार से मांग की है कि लागू करने की प्रक्रिया को चरणबद्ध और लचीला रखा जाए तथा ट्रांज़िशन के दौरान मदद दी जाए.

सभी यूनियन इस कानून के खिलाफ नहीं

हालांकि सभी यूनियनें इसके खिलाफ नहीं हैं. भाजपा से संबद्ध भारतीय मजदूर संघ ने कुछ कोड पर राज्यों के साथ पर्याप्त बातचीत के बाद उन्हें लागू करने की वकालत की है. अब ज़िम्मेदारी राज्यों की है कि वे वेतन, औद्योगिक संबंध, सामाजिक सुरक्षा और कार्यस्थल सुरक्षा से जुड़े इन नए केंद्रीय कोड के अनुरूप अपने-अपने नियम तय करें.

Explainer: साउथ अफ्रीका में साष्टांग दंडवत का क्या है मतलब? PM मोदी के आगे राष्ट्रपति ने भी जोड़े हाथ, यहां पढ़िए इस दौरे की महत्वपूर्ण बातें

Shivani Singh

Recent Posts

Chanakya Niti: शादी करने के लिए सुंदर लड़की में होने चाहिए ये 5 और गुण, वरना कर दें इन्कार

Chanakya Niti: शादी के लिए लड़की का चयन करने के दौरान बहुत सी बातों का ध्यान…

March 5, 2026

CBSE Board Exams 2026: मिडिल ईस्ट के 7 देशों में सीबीएसई कक्षा 10 की परीक्षाएं रद्द, 12वीं की स्थगित

CBSE Board Exams 2026: मध्य पूर्व के देशों में जारी तनावपूर्ण हालात को देखते हुए…

March 5, 2026

OTT Release: ओटीटी पर एंटरटेनमेंट का तड़का, अनिल कपूर से प्रभास तक की फिल्में-सीरीज करेंगी धमाकेदार एंट्री

OTT Release: मार्च 2026 का पहला हफ्ता ओटीटी दर्शकों के लिए मनोरंजन से भरपूर रहने…

March 5, 2026

‘एक दम गुड़िया जैसी…’, सुनिता अहुजा से पहले इस एक्ट्रेस के दिवाने थे गोविंदा खुद किया खुलासा…!

Govinda: एक्टर गोविंदा ने एक इंटरव्यू में स्वीकार किया कि करियर के शुरुआती दौर में…

March 5, 2026

Lakhpati Bitiya Yojana: क्या होता है लखपति बिटिया योजना, कैसे करें इसके लिए आवेदन, जानें कितना मिलता है पैसा?

Lakhpati Bitiya Yojana: दिल्ली सरकार की लखपति बिटिया योजना में बेटियों को जन्म से पढ़ाई…

March 5, 2026