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Uttarakhand: नैनीताल हाई कोर्ट ने किया राज्य स्थापना दिवस समारोह रद्द

Uttarakhand: माननीय नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य के स्थापना दिवस समारोह कार्यक्रम के लिए आवंटित 1.50 करोड़ रूपए मुख्यमंत्री रहत कोष में देने का फैसला किया है.

Published by Swarnim Suprakash

Uttarakhand: उत्तराखंड में नैनीताल हाई कोर्ट ने राज्य स्थापना दिवस को सादगी से मनाने का और शासन द्वारा आवंटित डेढ़ करोड़ की धनराशि आपदा प्रभावितों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का जान कल्याणकारी निर्णय लिया है. नैनीताल हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस के आदेश पर रजिस्ट्रार जनरल ने नोटिफिकेशन जारी कर यह सूचना सांझा की है. माननीय हाईकोर्ट की स्थापना की रजत जयंती समारोह का प्रस्ताव भी वापस ले लिया गया है.

नैनीताल हाई कोर्ट का फैसला

उत्तराखंड राज्य में व्यापक रूप से प्राकृतिक आपदाओं ने बहुत परिवारों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित किया है जिसको ध्यान में रखते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य स्थापना दिवस को सादगी से मनाने का निर्णय किया है. इसके साथ ही माननीय हाई कोर्ट ने आयोजन के लिए शासन की ओर से दिए गए 1.50 करोड़ रूपए की धनराशि को वापस करते हुए इसे आपदा प्रभावित लोगों की मदद के लिए मुख्यमंत्री राहत कोष में देने का फैसला किया है.

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सभी एक दिन का मूलवेतन मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे

राज्य सरकार से यह भी अनुरोध किया गया है कि वह इस राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में आवंटित करे. यह धनराशि प्रभावित परिवारों की राहत और पुनर्वास के लिए है, जो प्राकृतिक आपदाओं के कारण अत्यधिक कठिनाई का सामना करने के लिए विवश हैं. साथ ही न्यायाधीश गण, रजिस्ट्रार सहित न्यायिक अधिकारी एक दिन के मूल वेतन का भी मुख्यमंत्री राहत कोष में देंगे. 

नैनीताल हाई कोर्ट की अपील

माननीय नैनीताल हाईकोर्ट ने राज्य के न्यायिक अधिकारियों तथा उच्च न्यायालय और जिला न्यायालयों के अधीनस्थ सभी कर्मचारियों से भी सहयोग के लिए इसी प्रकार का स्वैच्छिक योगदान का आह्वान भी किया है. ऐसे संकल्पों से न्यायपालिका की प्रतिबद्धता दिखाई देती है कि वह इस आवश्यकता के समय में उत्तराखंड के लोगों के साथ एकजुटता से खड़ी है और उनकी राहत और पुनर्वास के लिए समर्थन और हर संभव सहायता प्रदान करने के लिए तत्पर है.

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Swarnim Suprakash

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