Kiran Gujar Controversial Statement: क्या चाचा शरद पवार से भतीजे अजित पवार की करीबी बढ़ने लगी थी? क्या अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (Nationalist Congress Party) का विलय शरद पवार की पार्टी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) (Nationalist Congress Party – Sharadchandra Pawar) में करने वाले थे? यह सवाल अंदरखाने लोगों के जेहन में चल रहा था, लेकिन अब इस पर अजित पवार के करीबी और NCP के नेता किरण गूजर ने अपनी मुहर लगा दी है. अजित पवार के करीबी किरण गुजर का कहना है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री रहे दिवंगत अजित पवार राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों को एक करने के इच्छुक थे. उनकी यह इच्छा जल्द ही मूर्तरूप लेने वाली थी. किरण गूजर का दावा है कि अजित पवार की बातचीत भी चाचा शरद पवार के साथ चल रही थी. किरण गूजर ने यह खुलासा करते हुए महाराष्ट्र की राजनीति में हड़कंप पैदा कर दिया है.
सालों से अजित पवार के करीबी रहे किरण गूजर ने दावा किया है कि महाराष्ट्र के दिवंगत नेता अपने चाचा शरद पवार के साथ बातचीत कर चुके थे. सुप्रिया सुले भी इस बातचीत में शामिल थीं. यही वजह थी कि अजित पवार NCP के दोनों गुटों के विलय के लिए बहुत उत्सुक थे. किरण का कहना है कि हादसे के 5 दिन पहले ही अजित पवार ने उन्हें यह जानकारी दी थी. अजित पवार पूरी तरह से मन बना चुके थे कि दोनों गुटों का विलय हो और यह राज्य के हित में होगा. किरण गूजर का यहां तक दावा है कि अजित पवार करीब-करीब इसे तय मान चुके थे. इसकी प्रक्रिया भी करीब-करीब पूरी हो चुकी थी. 8 फरवरी को इस फैसले को अमलीजामा पहनाया जाना था. यह दावा किया है कि इंडियन एक्सप्रेस ने.
शरद पवार भी थे राजी!
NCP नेता किरण गूजर का दावा है कि दोनों गुटों में बातचीत लगातार जारी थी. विलय को लेकर अजित पवार की अपने चाचा शरद पवार और चचेरी बहन सुप्रिया सुले और अन्य नेताओं के साथ सकारात्मक बातचीत चल रही थी. चाचा शरद पवार भी इस कदम का समर्थन करने के लिए तैयार थे. कहा तो यहां तक जा रहा है कि 8 फरवरी, 2026 को दोनों गुटों के विलय का एलान भी करने की तैयारी थी. इस बीच यह हादसा हो गया.
कौन हैं किरण गूजर
1980 के दशक के मध्य से ही NCP नेता अजित पवार के साथ जुड़े किरण गुजर राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के दिग्गज नेताओं में से एक थे. किरण गुजर के बारे में कहा जाता है कि वह दिवंगत महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार के एक करीबी सहयोगी और विश्वनीय दोस्त थे. राजनीति के जानकारों का कहना है कि अजित पवार अपने करीबी किरण गूजर के साथ हर जरूरी बात शेयर करते थे. किरण गूजर की एक पहचान और है कि वह बारामती विद्या प्रतिष्ठान के ट्रस्टी भी हैं. यह ट्रस्ट खुद अजित पवार ने बनाया था. 1980 के दशक से अजीत पवार के साथ राजनीति में सक्रिय रूप से जुड़े रहे किरण गूजर ने अजित पवार के शुरुआती राजनीतिक सफर में भी उनका साथ दिया था. राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के दोनों गुटों को एक साथ लाने के प्रयासों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई रहे थे. कहा जाता है कि वर्ष 1984 में अजीत पवार छत्रपति कोऑपरेटिव शुगर फैक्टरी के लिए चुनाव लड़ने के लिए तैयार नहीं थे. लेकिन किरण गूजर ने ही इसके लिए अजित पवार को राजी किया था. किरण ने यह कहकर चौंका दिया है कि अजित पवार पिछले कुछ दिनों से कुछ उखड़े अंदाज में व्यवहार कर रहे थे.
यहां पर बता दें कि बुधवार (28 जनवरी, 2026) को सुबह एक चार्टर प्लेन बारामती में उस समय क्रैश हो गया जब व लैंडिंग की प्रक्रिया में था. इसमें महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत 5 लोगों की जान चली गई, जिसमें पायलट भी शामिल थे. इस हादसे की जांच जारी है. आगामी कुछ दिनों के दौरान हादसे की वजह सामने आ सकती है.