Categories: देश

Jihad Controversy: मौलाना महमूद मदनी के ‘जिहाद’ वाले बयान पर भड़क गए ये मौलाना, ‘हिंदू समुदाय ने हमेशा मुसलमानों के…’

Qari Abrar Jamal On Jihad Controversy: मौलाना महमूद मदनी के 'जिहाद' वाले बयान पर मौलाना कारी अबरार जमाल ने कहा कि ऐसी बातें देश के माहौल को खराब करते हैं और यह भारत की प्रगति के लिए भी ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है

Published by Hasnain Alam

Jihad Row: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी के ‘जिहाद’ वाले बयान को लेकर विवाद जारी है. उनके बयान पर नेताओं के साथ-साथ धर्मगुरुओं के भी बयान आ रहे हैं. इस कड़ी में जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष मौलाना कारी अबरार जमाल ने मदनी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिहाद का वास्तविक अर्थ समझना जरूरी है.

कारी अबरार जमाल ने बताया कि जिहाद का मतलब किसी समाज या देश के खिलाफ लड़ाई नहीं, बल्कि बुराइयों के खिलाफ संघर्ष, सुधार और अच्छे कार्यों को बढ़ावा देना है. यदि मौलाना महमूद मदनी अपने समुदाय के भीतर मौजूद समस्याओं, गलतफहमियों और उन लोगों के खिलाफ जिहाद की बात करते जो सीधे या परोक्ष रूप से आतंकवादियों का समर्थन करते हैं, तो उसका एक सकारात्मक और सार्थक संदेश जाता.

मदनी का बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं: कारी अबरार जमाल

जमीयत हिमायतुल इस्लाम के राष्ट्रीय अध्‍यक्ष ने कहा कि अगर वह आतंकवादियों के खिलाफ जिहाद का फतवा जारी करते, तो यह कदम वाकई समाज के लिए लाभकारी और प्रेरणादायक होता. इसके विपरीत, मदनी की ओर से देश के करोड़ों सनातनियों के खिलाफ दिए जा रहे बयान अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण हैं.

उन्होंने कहा कि हिंदू समुदाय ने हमेशा मुसलमानों के साथ खड़े होकर भाईचारे और सद्भाव का परिचय दिया है. चाहे त्योहार हों, खुशियां हों या कठिन घड़ी. 1947 में भारत-पाकिस्तान विभाजन के समय भी हिंदू समाज ने मुसलमानों से कहा था कि यही आपका मुल्क है, हम आपकी हिफाजत करेंगे. ऐसे में हिंदुओं के खिलाफ जिहाद की बात करना निरर्थक और गलत है.

Related Post

मौलाना कारी अबरार जमाल ने कहा कि ऐसे बयान देश के माहौल को खराब करते हैं और यह भारत की प्रगति के लिए भी ठीक नहीं है. उन्होंने कहा कि देश तेजी से विकास की ओर बढ़ रहा है और 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया गया है. ऐसे समय में जिहाद और आतंकवाद जैसे शब्दों को बढ़ावा देना समाज को गलत दिशा में ले जा सकता है.

‘मुसलमानों को राष्ट्रवाद और एकता का संदेश देना चाहिए’

उन्होंने मौलाना महमूद मदनी से अपील करते हुए कहा कि उन्हें मुसलमानों को राष्ट्रवाद और एकता का संदेश देना चाहिए, न कि समाज में विभाजन पैदा करने वाला विमर्श. उलेमा को आतंकवाद के खिलाफ सख्त फतवा जारी करना चाहिए. अगर कोई व्यक्ति आतंकवादी गतिविधियों में पकड़ा जाता है तो हम उसका जनाजा नहीं पढ़ेंगे, और उसे कब्रिस्तान में दफनाने की जगह भी नहीं देंगे.

बता दें कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने हाल ही बयान  दिया था कि ‘जब-जब जुल्म होगा, तब-तब जिहाद होगा. भोपाल में आयोजित जमीयत उलेमा-ए-हिंद की नेशनल गवर्निंग बॉडी मीटिंग में मौलाना महमूद मदनी ने कहा कि ‘लव जिहाद’, ‘लैंड जिहाद’, ‘एजुकेशन जिहाद’ और ‘थूक जिहाद’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल करके मुसलमानों को बहुत दुख पहुंचाया जाता है और उनके धर्म का अपमान किया जाता है. महमूद मदनी ने यह भी कहा कि देश के मौजूदा हालात बहुत संवेदनशील और चिंताजनक हैं. 

Hasnain Alam
Published by Hasnain Alam

Recent Posts

कौन हैं हांडे एर्सेल? जिन्होंने शाहरुख खान को बताया ‘अंकल’; सोशल मीडिया पर मच गई सनसनी

Hande Ercel on Shah Rukh Khan: सोशल मीडिया यूज़र्स ने तुरंत क्लिप को उठाया, जिसमें…

January 20, 2026