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Jammu Kashmir cloudburst: जम्मू-कश्मीर पर एक बार फिर टूटा आसमानी कहर, एक महीने में चौथी तबाही!

Vaishno Devi Disaster: इस बार मानसून ने जम्मू-कश्मीर में भयंकर तबाही मचाई है, जहाँ एक महीने में ही तीन बड़ी तबाही ने यहाँ के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस आपदा में कई लोगों की जान भी चली गई। आज शुक्रवार को एक बार फिर गुरेज घाटी के तुलैल इलाके में बादल फटने से भयावह मंजर सामने आया।

Published by Shivani Singh

Jammu Kashmir Floods: इस बार मानसून ने जम्मू-कश्मीर में भयंकर तबाही मचाई है, जहाँ एक महीने में ही तीन बड़ी तबाही ने यहाँ के लोगों को झकझोर कर रख दिया है। इस आपदा में कई लोगों की जान भी चली गई। आज शुक्रवार को एक बार फिर गुरेज घाटी के तुलैल इलाके में बादल फटने से भयावह मंजर सामने आया।

बता दें कि बांदीपोरा जिले की गुरेज घाटी के तुलैल इलाके में स्थित जाडिगे गाँव में आज शुक्रवार को बादल फटने की घटना सामने आई। अचानक आई इस प्राकृतिक आपदा से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बताया जा रहा है कि जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है, हालाँकि अभी तक किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। जानकारी के अनुसार, प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुँच गई हैं और स्थिति पर नज़र रखी जा रही है।

अगस्त महीने में तीन बड़ी तबाही (Three major disasters in the month of August)

बता दें कि हाल ही में 26 अगस्त को जम्मू संभाग में मूसलाधार बारिश ने कहर बरपाया था। श्री माता वैष्णो देवी यात्रा मार्ग के अर्धकुंवारी इलाके में भूस्खलन और डोडा में बादल फटने से कुल 30 लोगों की जान चली गई। कटरा में नौ और डोडा में चार श्रद्धालुओं की मौत हो गई। वहीं, यात्रा मार्ग पर भूस्खलन के कारण 22 श्रद्धालु घायल भी हुए हैं।

14 अगस्त को किश्तवाड़ के चशोती गाँव में बादल फटने से भारी तबाही हुई थी। यह गाँव मचैल माता यात्रा के रास्ते में है, जहाँ उस दिन हज़ारों तीर्थयात्री मौजूद थे। अचानक आई बाढ़ ने घरों और दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया और तीर्थयात्रियों के लिए लगाया गया लंगर भी बहा ले गया। इस आपदा में 60 से ज़्यादा लोगों की मौत हो गई और 300 से ज़्यादा घायल हो गए। हादसे के बाद 200 से ज़्यादा लोग लापता बताए जा रहे हैं।

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17 अगस्त को जम्मू संभाग के कठुआ ज़िले में बादल फटने से 7 लोगों की मौत हो गई। वहीं, कश्मीर में भी बादल फटने की दो घटनाएं हुई हैं।

जम्मू-कश्मीर में नदियाँ अभी भी विकराल रूप धारण कर रही हैं। जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी बंद रहा। इसके कारण 2 हज़ार से ज़्यादा वाहन फंसे हुए हैं। आपको बता दें कि नगरोटा से रियासी, चेनानी, पटनीटॉप, बनिहाल, डोडा, रामबन और श्रीनगर की ओर वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। कटरा और उधमपुर कस्बों के लोगों को पहचान पत्र साथ रखने की सलाह दी गई है। जम्मू, सांबा, कठुआ और उधमपुर के दर्जनों गाँवों का संपर्क टूट गया है।

श्री माता वैष्णो देवी ट्रैक पर भूस्खलन की घटना की जाँच के लिए एक समिति का गठन किया गया है। उपराज्यपाल ने जल शक्ति विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव शालीन काबरा की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया है। तीन सदस्यीय समिति के गठन के आदेश दिए गए हैं। यह समिति घटना के कारणों की जाँच करेगी। यह बचाव कार्यों का आकलन करेगी। और राहत उपाय। यह समिति भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) सुझाएगी। यह समिति दो सप्ताह के भीतर उपराज्यपाल को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।

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