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Haryana Rajya Sabha Poll: बिहार की पांचो सीटें हासिल करने वाली BJP की रणनीति क्यों काम नहीं आई हरियाणा में? समझें

Haryana Politics: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनावों में BJP और कांग्रेस, दोनों ने एक-एक सीट जीती. इन चुनावों में वोट की गोपनीयता के उल्लंघन की शिकायतों और क्रॉस-वोटिंग के आरोपों के कारण मतदान प्रक्रिया विवादों में घिर गई थी.

By: Heena Khan | Last Updated: March 17, 2026 9:52:02 AM IST



Haryana Politics: हरियाणा में राज्यसभा की दो सीटों के लिए हुए चुनावों में BJP और कांग्रेस, दोनों ने एक-एक सीट जीती. इन चुनावों में वोट की गोपनीयता के उल्लंघन की शिकायतों और क्रॉस-वोटिंग के आरोपों के कारण मतदान प्रक्रिया विवादों में घिर गई थी. इन बेहद चर्चित चुनावों में BJP के संजय भाटिया और कांग्रेस के करमवीर सिंह बौद्ध को राज्यसभा सीटों के लिए निर्वाचित घोषित किया गया. चुनाव परिणाम तब आए, जब मतदान के दौरान कथित उल्लंघनों को लेकर BJP और कांग्रेस, दोनों की ओर से शिकायतें दर्ज कराए जाने के बाद वोटों की गिनती 5 घंटे से भी ज़्यादा देरी से शुरू हुई.

बीजेपी-कांग्रेस दोनों का दबदबा 

बता दें कि इन सीटों पर BJP उम्मीदवार संजय भाटिया, कांग्रेस के उम्मीदवार करमवीर सिंह बौद्ध और निर्दलीय उम्मीदवार सतीश नांदल के बीच मुकाबला हुआ. हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने देर रात हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, दोनों नेताओं को उनकी जीत पर बधाई दी. उन्होंने इस चुनाव को “दिलचस्प” बताया, और साथ ही वोटिंग से पहले अपने विधायकों को हिमाचल प्रदेश भेजने के लिए कांग्रेस पर निशाना साधा.

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CM सैनी ने दी जीत की बधाई 

न्यूज़ एजेंसी ANI के अनुसार, उन्होंने कहा, “मैं BJP उम्मीदवार संजय भाटिया और कांग्रेस उम्मीदवार करमवीर बौद्ध को उनकी जीत पर बधाई देता हूँ… कांग्रेस को अपने ही विधायकों पर भरोसा नहीं है. जिस तरह कांग्रेस ने अपने विधायकों को नज़रबंद करके रखा और हर घंटे उन्हें अलग-अलग जगहों पर भेजती रही. इतिहास में यह पहली बार है जब मैंने देखा है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता खुद कांग्रेस के लिए पोलिंग एजेंट बन गए. मुख्यमंत्री ने इंडियन नेशनल लोक दल (INLD) पर वोटिंग से दूर रहने के लिए और भी तीखा हमला बोला और आरोप लगाया कि पार्टी ने कांग्रेस की “B टीम” के तौर पर काम किया. उन्होंने दावा किया, “INLD ने परोक्ष रूप से कांग्रेस का समर्थन किया.” निर्दलीय उम्मीदवार से जुड़े एक सवाल का जवाब देते हुए सैनी ने कहा, “वे किसी को भी चुनाव लड़ने से कैसे रोक सकते थे?”

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