Indian Army vs Pakistan Army: जम्मू और कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते काफी खराब हो गए है. हमले के तुरंत बाद भारत ने कई बड़े फैसले लिए हैं, जिनमें सबसे अहम 1960 की सिंधु जल संधि को खत्म करना है. इसके अलावा भारत ने भारत में पाकिस्तानी हाई कमीशन के अधिकारियों को 48 घंटे के अंदर अपने देश लौटने का निर्देश दिया है. इन सबके बीच ऐसी अटकलें भी लगाई जा रही हैं कि भारत पाकिस्तान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई कर सकता है. पाकिस्तान ने कहा है कि वह भारत द्वारा की जाने वाली किसी भी कार्रवाई के लिए तैयार है.
इस संदर्भ में युद्ध या हमले की स्थिति में दोनों देशों की सैन्य ताकत को समझना जरूरी है. ग्लोबल फायरपावर 2025 की रिपोर्ट इस पर रोशनी डालती है. इस रिपोर्ट के अनुसार 145 देशों में सैन्य शक्ति के मामले में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान 12वें स्थान पर है. इसके कई कारण हैं, जिन्हें हम विस्तार से बताएंगे.
भारत की ताकत जमीन से शुरू होती
भारतीय सेना में 1.44 मिलियन सक्रिय सैनिक हैं, साथ ही 1.155 मिलियन रिजर्व फोर्स और 2.527 मिलियन पैरामिलिट्री फोर्स है. सेना की मारक क्षमता में आधुनिक और स्वदेशी तकनीक का शानदार मिश्रण है. भारत के पास कुल 4,201 टैंक है. अर्जुन टैंक और T-90 भीष्म जैसे खतरनाक टैंक भारत को पाकिस्तान पर बढ़त दिलाते है. अर्जुन टैंक भारत में स्वदेशी रूप से विकसित किया गया है, जबकि T-90 भीष्म रूसी मूल का है, जिसे बाद में भारत ने अपग्रेड किया है. भारतीय सेना के पास पिनाका रॉकेट सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइलें, और बोफोर्स और हॉवित्जर तोपें भी है.
ये हथियार दुश्मन को आसानी से हरा सकते
इसकी तुलना में पाकिस्तानी सेना में 654,000 सक्रिय सैनिक और लगभग 3,742 टैंक, 50,523 बख्तरबंद वाहन और 752 सेल्फ-प्रोपेल्ड आर्टिलरी यूनिट है. इसके अलावा, 692 रॉकेट लॉन्चर है. पाकिस्तान के पास 2,627 टैंक हैं, जो भारत के पास मौजूद टैंकों की संख्या का आधा है.
वायु सेना: आसमान में भारत का दबदबा
भारतीय वायु सेना के पास कुल 2,229 विमान हैं, जिनमें 600 फाइटर जेट, 831 सपोर्ट एयरक्राफ्ट, 899 हेलीकॉप्टर और 50 से ज़्यादा UAV शामिल है. भारत के पास राफेल फाइटर जेट, सुखोई Su-30MKI, मिराज-2000 और MiG-29 फाइटर जेट जैसे अत्याधुनिक फाइटर विमान भी है. भारतीय वायु सेना ब्रह्मोस, अस्त्र, रुद्रम और आकाश जैसी मिसाइल प्रणालियों से भी लैस है. वही पाकिस्तान के पास 1,399 विमान हैं, जिनमें 328 फाइटर जेट, 64 ट्रांसपोर्ट विमान, 565 ट्रेनर विमान और 373 हेलीकॉप्टर शामिल है. इसके पास 57 अटैक हेलीकॉप्टर और 4 एयरबोर्न टैंकर भी है. यहां भी भारतीय वायु सेना न केवल संख्या में बल्कि युद्ध क्षमता और रेंज में भी बहुत आगे है.
नौसेना: समुद्री सीमा पर भारत की सुरक्षा
भारतीय नौसेना तेजी से विस्तार कर रही है और आधुनिक तकनीक को अपना रही है. बीबीसी की एक रिपोर्ट के अनुसार भारत के पास 150 युद्धपोत है. इसमें INS विक्रांत और INS विक्रमादित्य जैसे विमानवाहक पोत, साथ ही धनुष और K-15 जैसी मिसाइलों को तैनात करने में सक्षम परमाणु पनडुब्बियां शामिल है. भारतीय नौसेना में कुल 142,252 सक्रिय कर्मी है. पाकिस्तानी नौसेना के पास 114 जहाज, 8 पनडुब्बियां और 9 फ्रिगेट है. हालांकि पाकिस्तान ने हाल के वर्षों में अपनी नौसैनिक ताकत बढ़ाई है, लेकिन रेंज, नेटवर्किंग क्षमताओं और परमाणु क्षमताओं के मामले में भारतीय नौसेना बहुत आगे है.
रक्षा उत्पादन पर भारत का खर्च
सैन्य क्षमता तकनीकी श्रेष्ठता और रणनीतिक तैयारी के मामले में भारत पाकिस्तान से कई गुना आगे है. भारत का सैन्य बुनियादी ढांचा न केवल विशाल है, बल्कि लगातार आत्मनिर्भरता और हाई-टेक अपग्रेड की ओर बढ़ रहा है. भारत की अर्धसैनिक ताकत, सैटेलाइट नेटवर्क, ड्रोन तकनीक और मल्टी-डोमेन युद्ध रणनीति ने इसे वैश्विक सैन्य मानचित्र पर एक अग्रणी स्थान पर पहुंचा दिया है, जबकि पाकिस्तान अपने सीमित संसाधनों और सहायता-निर्भर सैन्य नीति के कारण धीरे-धीरे पीछे होता जा रहा है. भारत लगातार रक्षा उत्पादन, साइबर युद्ध और अंतरिक्ष-आधारित सैन्य प्रणालियों में निवेश कर रहा है.

