Most Successful Indian Military Operations: भारतीय सेना सिर्फ़ एक सशस्त्र बल नहीं है, बल्कि देश के प्रति अटूट समर्पण की भावना है. दुश्मन चाहे सीमा पार हो या देश के अंदर आतंकवाद हो, भारतीय सेना ने हमेशा बहादुरी और रणनीतिक कौशल से जीत हासिल की है. कई सैन्य अभियानों ने भारत की सुरक्षा को मज़बूत किया है और दुनिया को दिखाया है कि भारत अपने नागरिकों और सीमाओं की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाएगा. आइए भारतीय सेना के पाँच सबसे सफल और ऐतिहासिक मिशनों के बारे में जानें.
ऑपरेशन विजय (Operation Vijay)
कारगिल युद्ध भारतीय सेना के इतिहास की सबसे चुनौतीपूर्ण और गौरवशाली लड़ाइयों में से एक था. मई 1999 में, पाकिस्तानी सैनिकों और आतंकवादियों ने चुपके से कारगिल की पहाड़ियों पर कब्ज़ा कर लिया. इसके जवाब में, भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन विजय’ शुरू किया. लगभग 60 दिनों तक चले इस युद्ध में, भारतीय सैनिकों ने दुश्मन को पीछे धकेल दिया और हर एक पोस्ट पर फिर से कब्ज़ा कर लिया. इस मिशन ने देश को कैप्टन विक्रम बत्रा जैसे बहादुर योद्धा दिए, जिन्होंने “यह दिल मांगे मोर” कहते हुए देश के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी.
ऑपरेशन बजरंग और ऑपरेशन राइनो (Operation Bajrang and Operation Rhino)
पूर्वोत्तर भारत के कुछ हिस्सों में कई आतंकवादी संगठन एक्टिव थे खासकर असम में ULFA. इसका मुकाबला करने के लिए, सरकार ने दो बड़े मिलिट्री ऑपरेशन शुरू किए ‘ऑपरेशन बजरंग’ (1990) और ‘ऑपरेशन राइनो’ (1991). इन ऑपरेशनों में भारतीय सेना ने कई आतंकवादियों को पकड़ा और उनके नेटवर्क को कमजोर किया. इससे इलाके में शांति बहाल करने में काफी मदद मिली.
ऑपरेशन कैक्टस (Operation Cactus)
1988 में, मालदीव में तख्तापलट की कोशिश हुई. तत्कालीन राष्ट्रपति, मौमून अब्दुल गयूम ने भारत से मदद मांगी. कुछ ही घंटों में भारतीय सेना के पैरा-कमांडो मालदीव पहुँच गए और तख्तापलट की कोशिश को नाकाम कर दिया. इस मिशन का नाम ‘ऑपरेशन कैक्टस’ रखा गया. यह विश्व मंच पर भारत की गति, क्षमता और कूटनीति का प्रमाण बन गया.
ऑपरेशन पवन (Operation Pawan)
LTTE (लिबरेशन टाइगर्स ऑफ़ तमिल ईलम) संगठन श्रीलंका में हिंसा फैला रहा था. भारत सरकार ने भारतीय शांति सेना (IPKF) के तहत 1987 में’ऑपरेशन पवन’ शुरू किया. इस मिशन का उद्देश्य LTTE द्वारा कब्ज़े वाले इलाकों को खाली कराना था. हालाँकि यह मिशन जटिल और लंबा था, लेकिन भारतीय सेना ने LTTE के बड़ी संख्या में ठिकानों को नष्ट कर दिया और श्रीलंका में शांति बहाल करने की कोशिश की.
ऑपरेशन मेघदूत (Operation Meghdut)
सियाचिन ग्लेशियर को दुनिया का सबसे ऊँचा युद्धक्षेत्र माना जाता है. पाकिस्तान इस पर कब्ज़ा करने की योजना बना रहा था, लेकिन भारतीय खुफिया एजेंसियों को इसकी भनक लग गई. इसके बाद, 13 अप्रैल 1984 को, भारतीय सेना ने ‘ऑपरेशन मेघदूत’ शुरू किया. माइनस 50 डिग्री सेल्सियस की कठोर परिस्थितियों में भारतीय सैनिकों ने पाकिस्तान से पहले सियाचिन पर कब्ज़ा कर लिया और आज भी वहाँ तैनात हैं. यह मिशन रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण साबित हुआ.