Immunity Booster For Babies: क्या आपने कभी सुना है कि मां का बेबी को किस करना कितना लाभदायक है? आज हम आपको इससे जुड़ी एक हैरान कर देने वाली बात बताने वाले हैं, जैसा की हर एक मां अपने बच्चों को किस करती हैं, यह इंसानों समेत लगभग सभी मैमल्स में पाया जाने वाला एक बहुत ही आम व्यवहार है. क्या यह सिर्फ़ प्यार की वजह से है या इसके पीछे कोई साइंस भी है? मुख्य रूप से कोई भी देखने वाला यह सोच सकता है कि यह प्यार, ज़्यादा देखभाल और अपने बच्चों को बाहरी नुकसानदायक चीज़ों से बचाने के इरादे से होता है. आम तौर पर, यह एक जानी-मानी बात है कि बच्चों को इम्यूनिटी अपनी माँ के ब्रेस्ट मिल्क से मिलती है, जो न्यूट्रिएंट्स का एक भरपूर और डायनैमिक सोर्स है, और कई ज़रूरी बायोएक्टिव फैक्टर्स भी. लेकिन किस से भी एक मां अपने शिशु की इम्युनिटी पावर को बूस्ट कर सकती है. चलिए जान लेते हैं ऐसा क्यों होता है और इसके क्या फायदे हैं.
Dr Anuradha HS की सलाह
इसे लेकर डॉक्टर Dr Anuradha HS का कहना है कि अपने बच्चों को बार-बार नाक, मुंह और गालों पर किस करें. रिसर्च से पता चलता है कि जब मां अपने बच्चे को बार-बार किस करती है, तो वो अपने बच्चे के मुंह और स्किन से जर्म्स को बाहर निकाल देती है. इससे उसके मेमोरी सेल्स एक्टिवेट हो जाते हैं और वो एंटीबॉडीज़ बनाना शुरू कर देती है जो बहुत खास होती हैं और इन जर्म्स के लिए कस्टमाइज़ होती हैं और ये एंटीबॉडीज़ उसके ब्रेस्ट मिल्क में जाती हैं और जब वो बच्चे को दूध पिलाती है तो बच्चे के मुंह और आंतों को कोट करती हैं. और इन नुकसानदायक बैक्टीरिया को ब्लॉक कर देती है और मार देती हैं. जिससे बच्चे को हेल्दी रहने और इन इन्फेक्शन से लड़ने में मदद मिलती है.
ब्रेस्ट मिल्क (माँ का दूध) बच्चे की इम्यूनिटी और गट माइक्रोबायोम बनाने में बहुत अहम भूमिका निभाता है. इसे नीचे आसान भाषा में समझा जा सकता है.
इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है
माँ के दूध में एंटीबॉडीज़ (खासतौर पर IgA), व्हाइट ब्लड सेल्स और एंटी-इन्फ्लेमेटरी तत्व होते हैं. ये बच्चे को संक्रमण, डायरिया, सर्दी-खांसी और एलर्जी से बचाने में मदद करते हैं. यह बच्चे की इम्यून सिस्टम को धीरे-धीरे खुद लड़ना सिखाता है.
हेल्दी माइक्रोबायोम की नींव
ब्रेस्ट मिल्क में मौजूद प्रीबायोटिक्स (HMOs) बच्चे की आंतों में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देते हैं. इससे गट माइक्रोबायोम संतुलित बनता है, जो पाचन और इम्यूनिटी दोनों के लिए ज़रूरी है.
इंफेक्शन से प्राकृतिक सुरक्षा
माँ का दूध हानिकारक बैक्टीरिया और वायरस को आंतों में चिपकने से रोकता है. इससे पेट के इंफेक्शन और सूजन का खतरा कम होता है, खासकर नवजात शिशुओं में.
लंबे समय तक फायदे
शोध बताते हैं कि ब्रेस्टफेड बच्चों में आगे चलकर मोटापा, टाइप-1 डायबिटीज और ऑटोइम्यून बीमारियों का जोखिम कम हो सकता है. इसकी वजह मजबूत माइक्रोबायोम और बेहतर इम्यून डेवलपमेंट है.
ऐसे समय माँ अपने बच्चों को Kiss करने से बचे
जब माँ बीमार हों
अगर माँ को सर्दी-खांसी, जुकाम, बुखार, गले में दर्द या होंठों पर छाले (कोल्ड सोर) हों, तो बच्चे को किस करने से बचना चाहिए. ऐसे समय में संक्रमण बच्चे तक जल्दी पहुंच सकता है, क्योंकि उसकी इम्यूनिटी कमजोर होती है.
नवजात या कमजोर बच्चे के समय
नवजात शिशु, प्रीमैच्योर बेबी या बीमार बच्चे की रोग प्रतिरोधक क्षमता बहुत कम होती है. ऐसे बच्चों को किस करने से पहले खास सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि किसी भी तरह का इंफेक्शन न फैले.
बाहर से आने के बाद
बाहर से आने के बाद बिना हाथ-मुँह धोए बच्चे को किस करना ठीक नहीं है. बाहर के कीटाणु बच्चे के लिए हानिकारक हो सकते हैं.
मुँह साफ न होने पर
खाना खाने के बाद या मुँह साफ किए बिना बच्चे को किस करने से बचना चाहिए. मुँह में मौजूद बैक्टीरिया बच्चे के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचा सकते हैं.
सुरक्षित तरीका अपनाएँ
प्यार जताने के लिए होंठों पर किस करने की बजाय बच्चे के माथे या सिर पर हल्का किस करना ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. साफ-सफाई का ध्यान रखते हुए माँ का प्यार बच्चे के लिए सबसे बड़ी सुरक्षा है.