Home > जनरल नॉलेज > कहीं छिना सिंदूर तो कहीं उड़े चीथड़े! 2025 की 10 ऐसी घटनाएं , जिन्हें याद कर खड़े हो जाएंगे रौंगटे

कहीं छिना सिंदूर तो कहीं उड़े चीथड़े! 2025 की 10 ऐसी घटनाएं , जिन्हें याद कर खड़े हो जाएंगे रौंगटे

2025 Major Incidents: साल 2025 भारत के लिए दुखों का पहाड़ लेकर आया. लेकिन, इस साल कुछ ऐसी घटनाएं घटीं जिन्होंने पूरे देश को तोड़कर और झंकझोर कर रख दिया, तो कुछ ने उम्मीद, साहस और गर्व की नई रोशनी दिखाई.

By: Heena Khan | Published: December 27, 2025 10:38:15 AM IST



2025 Major Incidents: साल 2025 भारत के लिए दुखों का पहाड़ लेकर आया. लेकिन, इस साल कुछ ऐसी घटनाएं घटीं जिन्होंने पूरे देश को तोड़कर और झंकझोर कर रख दिया, तो कुछ ने उम्मीद, साहस और गर्व की नई रोशनी दिखाई. आतंकवाद, हादसे और अव्यवस्थाओं ने हमें झकझोरा, वहीं विज्ञान, खेल और नीतिगत फैसलों ने आगे बढ़ने की प्रेरणा दी. आइए, 2025 की उन 10 बड़ी घटनाओं पर विस्तार से नज़र डालते हैं, जिन्होंने इस साल को बर्बाद कर दिया.

पहलगाम आतंकी हमला

जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम में हुआ आतंकी हमला 2025 की सबसे दर्दनाक घटनाओं में से एक रहा. निर्दोष पर्यटकों और सुरक्षाकर्मियों को निशाना बनाकर आतंकियों ने देश की शांति को चुनौती दी. इस हमले ने एक बार फिर आतंकवाद की क्रूर सच्चाई सामने रखी और कई परिवारों को अपूरणीय क्षति पहुंचाई. पूरे देश में आक्रोश और शोक की लहर दौड़ गई.

ऑपरेशन सिंदूर

पहलगाम और अन्य आतंकी घटनाओं के बाद भारत ने सख्त रुख अपनाया और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया. इस ऑपरेशन के तहत सुरक्षा बलों ने आतंकियों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बड़े पैमाने पर कार्रवाई की. यह ऑपरेशन आतंकवाद के खिलाफ भारत की ‘जीरो टॉलरेंसनीति का प्रतीक बना और देशवासियों में सुरक्षा को लेकर भरोसा मजबूत हुआ.

लाल किला आतंकी हमला

सिर्फ यही नहीं राजधानी दिल्ली में हुआ आतंकी हमला पूरे देश के लिए चेतावनी साबित हुआ. भीड़भाड़ वाले इलाके को निशाना बनाए जाने से आम लोगों में डर का माहौल बन गया. हालांकि सुरक्षा एजेंसियों की त्वरित कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन इस घटना ने शहरी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए.

महाकुंभ में भगदड़

आस्था के सबसे बड़े पर्व महाकुंभ के दौरान हुई भगदड़ ने प्रशासनिक लापरवाही को उजागर किया. करोड़ों श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच अव्यवस्थित प्रबंधन के कारण कई लोगों की जान चली गई. यह घटना बेहद दुखद थी, क्योंकि जहां लोग पुण्य और शांति की तलाश में आए थे, वहीं उन्हें त्रासदी का सामना करना पड़ा.

एयर इंडिया विमान हादसा

2025 में एयर इंडिया के एक विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया. तकनीकी खराबी या मानवीय चूक के कारण हुए इस हादसे में कई यात्रियों की मौत हो गई. इस घटना के बाद विमानन सुरक्षा, रखरखाव और जवाबदेही पर व्यापक बहस छिड़ गई.

जीएसटी में बदलाव

साल 2025 में सरकार ने जीएसटी प्रणाली में बड़े बदलाव किए. कुछ वस्तुओं पर टैक्स कम किया गया, जिससे आम जनता को राहत मिली, वहीं कुछ क्षेत्रों में टैक्स बढ़ने से व्यापारियों में नाराजगी भी दिखी. कुल मिलाकर ये बदलाव अर्थव्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने की दिशा में अहम कदम माने गए.

एग्जियोम मिशन

विज्ञान और अंतरिक्ष के क्षेत्र में 2025 भारत के लिए गर्व का साल रहा. एग्जियोम मिशन के तहत भारतीय अंतरिक्ष यात्री की अंतरराष्ट्रीय स्पेस मिशन में भागीदारी ने देश का मान बढ़ाया. यह उपलब्धि भारत की बढ़ती वैज्ञानिक क्षमता और वैश्विक मंच पर मजबूत होती मौजूदगी का प्रतीक बनी.

महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप टीम इंडिया की जीत

2025 की सबसे खुशी देने वाली खबरों में भारतीय महिला क्रिकेट टीम की वर्ल्ड कप जीत शामिल रही. टीम इंडिया ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इतिहास रच दिया. इस जीत ने न सिर्फ खेल प्रेमियों को खुशी दी, बल्कि देश की बेटियों के आत्मविश्वास और सशक्तिकरण को भी नई उड़ान दी.

जब बैटिंग कर रहा था ये खिलाड़ी तो 3 दिन तक फील्डिंग कर रहे थे Rohit Sharma, खुद सुनाईं पुरानी यादें

इंडिगो संकट

इंडिगो एयरलाइंस को 2025 में गंभीर संकट का सामना करना पड़ा. उड़ानों के रद्द होने, तकनीकी समस्याओं और यात्रियों की परेशानियों ने कंपनी की छवि को नुकसान पहुंचाया. इस संकट ने निजी विमानन कंपनियों की कार्यप्रणाली और यात्री अधिकारों पर चर्चा को तेज कर दिया.

जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतें

साल 2025 की सबसे हृदयविदारक घटनाओं में जहरीले कफ सिरप से बच्चों की मौतें रहीं. दवाओं की गुणवत्ता में लापरवाही और कमजोर निगरानी व्यवस्था के कारण कई मासूमों की जान चली गई. इस घटना ने स्वास्थ्य प्रणाली और दवा कंपनियों की जिम्मेदारी पर गंभीर सवाल खड़े किए. 2025 ने हमें दर्द भी दिया और गर्व के पल भी. जहां कुछ घटनाओं ने हमारी व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर किया, वहीं कुछ ने हमारी सामूहिक शक्ति, साहस और क्षमता पर विश्वास मजबूत किया. यही खट्टी-मीठी यादें हमें सबक देती हैं कि आगे बढ़ने के लिए दुख से सीखना और खुशी को संजोना दोनों जरूरी हैं.

आखिर कब लागू होगा 8th Pay Commission? कितना मिलेगा सरकारी कर्मचारियों को फायदा, यहां जानें हर एक Detail

Advertisement