Rajpal Yadav: एक्टर राजपाल यादव को मंगलवार, 17 फरवरी 2026 को दिल्ली हाईकोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल से रिहा किया गया. ये जमानत एक चेक बाउंस मामले से जुड़ी हुई थी, जो उनके एक लोन विवाद से शुरू हुई थी. जेल से बाहर आने के बाद राजपाल यादव ने अपने सपोर्टर्स का धन्यवाद किया और फिल्म उद्योग से उन्हें फिर से काम देने की अपील की. उन्होंने ये भी कहा कि जल्द ही वे मीडिया के सामने अपनी बात रखेंगे.
राजपाल यादव की अपील
इंडिया टुडे से बातचीत में राजपाल ने कहा कि उन्होंने भारतीय सिनेमा में लोगों से पूरे जीवनकाल में जो प्यार और सपोर्ट मिला, उसके लिए वो आभारी हैं. उन्होंने कहा- बच्चों से लेकर सभी उम्र के लोगों तक, मुझे हमेशा प्यार और सपोर्ट मिला. इसके लिए मैं सभी का दिल से धन्यवाद करता हूं.
उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री के सहयोगियों से भी दिल से अपील की, जिन्होंने पहले मेरी मदद की है, उनसे अनुरोध है कि मुझे एक बार फिर मेरी पसंद के किरदार निभाने का अवसर दें. पैसा उनकी इच्छा अनुसार होगा.
बॉलीवुड से मिला सपोर्ट
राजपाल यादव ने कहा कि उन्हें ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों जगह से बहुत प्रोत्साहन मिला. इस दौरान कई बड़े सितारों जैसे सलमान खान, अजय देवगन, वरुण धवन और सोनू सूद ने उनकी मदद की. उनके मैनेजर गोल्डी ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि यादव केवल समर्थकों के प्रति ही नहीं, बल्कि आलोचकों के प्रति भी आभारी हैं.
राजपाल ने कहा- हर आशीर्वाद ने मुझे आगे बढ़ाया. जो लोग सोशल मीडिया पर मेरा सपोर्ट करते हैं, मैं उनका धन्यवाद करता हूं और जो लोग मेरी आलोचना करते हैं, उनका भी.
प्रेस कॉन्फ्रेंस में करेंगे सफाई
राजपाल यादव ने कहा कि वे जल्द ही मीडिया से सीधे बातचीत करेंगे और अपनी बात रखेंगे. उन्होंने कहा- सभी कानूनी मामले हाईकोर्ट में विचाराधीन हैं. चूंकि केस सब ज्यूडिस है, मैं अभी कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता और अदालत के फैसले का पूरी तरह सम्मान करता हूं. आने वाले दिनों में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर हम सभी सवालों का ईमानदारी से जवाब देंगे.
जेल के एक्सपीरिएंस और समाज के प्रति सोच
जेल में अपने समय के बारे में यादव ने कहा कि उन्होंने अन्य कैदियों से बातचीत के दौरान कई नई बातें सीखी. उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि योग्य कैदियों को पुनर्वास का अवसर दिया जाए. उन्होंने कहा- तिहाड़ जेल में लगभग 20,000 कैदी हैं. उनकी कहानियां सुनने के बाद मुझे लगा कि उनमें से लगभग 10 प्रतिशत को जीवन में एक और मौका मिलना चाहिए.
राजपाल ने ये भी बताया कि कई कैदियों ने केवल एक गलती की थी लेकिन उन्हें वर्षों तक जेल में रहना पड़ा. 20,000 कैदियों में कुछ ऐसे हैं जिन्होंने एक बार गलती की और अब 10 साल से जेल में हैं. अगर उनमें से 10 प्रतिशत को दूसरा मौका मिले, तो ये बड़ा बदलाव ला सकता है. उन्होंने अपने एक्सपीरिएंस को शेयर करते हुए कहा जेल में ये एक सिस्टम है, मुझे उसके अनुसार रहना पड़ा और सकारात्मक रहकर इसे सहना पड़ा.
‘अता पता लापता’ से जुड़ा मामला
राजपाल यादव की कानूनी परेशानियां उनके डायरेक्टोरियल प्रोजेक्ट ‘अता पता लापता’ से शुरू हुईं. फिल्म के कमर्शियल रूप से सफल न होने के कारण लोन की अदायगी में विवाद हुआ, जो बाद में चेक बाउंस मामले तक बढ़ गया.
2018 में राजपाल और उनकी पत्नी को चेक बाउंस मामले में दोषी ठहराया गया और छह महीने की जेल की सजा हुई. हालांकि बाद में सजा को स्थगित कर दिया गया ताकि समझौते की बातचीत हो सके. फरवरी 2026 की शुरुआत में उन्हें आत्मसमर्पण करना पड़ा और अंततः 16 फरवरी 2026 को जमानत मिल गई.