Anand Sagar death: टीवी इतिहास के सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों में शामिल रामायण के निर्माता-निर्देशक रामानंद सागर के पुत्र आनंद रामानंद सागर का निधन हो गया. परिवार की ओर से इस दुखद खबर की पुष्टि की गई. उनका अंतिम संस्कार मुंबई के पवन हंस श्मशान घाट में शाम 4:30 बजे संपन्न हुआ. परिजनों ने सोशल मीडिया के माध्यम से श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि वे अत्यंत दुख के साथ अपने प्रिय पिता के निधन की सूचना साझा कर रहे हैं. पोस्ट में अंतिम संस्कार से जुड़ी जानकारी भी दी गई.
कौन थे आनंद सागर
आनंद सागर ऐसे परिवार में जन्मे, जिसने भारतीय टेलीविजन पर पौराणिक कथाओं को नई पहचान दी. वे रामानंद सागर के पुत्र थे और अपने पिता की विरासत को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाते रहे. 1980 के दशक में दूरदर्शन पर प्रसारित ‘रामायण’ ने देशभर में अभूतपूर्व लोकप्रियता हासिल की थी. हर रविवार सुबह लाखों दर्शक टीवी सेट के सामने बैठकर इस महाकाव्य को देखते थे. आनंद सागर ने अपने पिता द्वारा स्थापित प्रोडक्शन हाउस सागर आर्ट्स के साथ मिलकर पौराणिक और भक्तिमय धारावाहिकों के निर्माण और प्रबंधन में योगदान दिया. वे रचनात्मक निर्णयों और सामग्री की गुणवत्ता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते थे.
विरासत को आगे बढ़ाने में भूमिका
2005 में रामानंद सागर के निधन के बाद परिवार ने उनकी कृतियों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम जारी रखा. 2020 में देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान ‘रामायण’ के पुनः प्रसारण ने एक बार फिर रिकॉर्ड दर्शक संख्या हासिल की, जिससे इसकी लोकप्रियता का अंदाजा लगा. इस पुनर्प्रसारण और अन्य परियोजनाओं में आनंद सागर की अहम भूमिका रही.
आनंद सागर की पत्नी हैं फैशन डिजाइनर
रामानंद सागर ने लीलावती सागर से विवाह किया था. उनके पांच संतानें थीं—सुभाष सागर, मोती सागर, प्रेम सागर, आनंद सागर और सरिता सागर. आनंद सागर की पत्नी फैशन डिजाइनर निशा सागर हैं. आनंद सागर के निधन से भारतीय टेलीविजन जगत में शोक की लहर है. वे उस परिवार का हिस्सा थे, जिसने आस्था-आधारित कार्यक्रमों को घर-घर तक पहुंचाया और एक सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखा.