IIT Madras Without GATE: 12 वीं पास करने के बाद ज्यादातर लोगों का सपना होता है कि वह भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) से अपनी आगे की पढ़ाई करें. लेकिन यह सपना तभी पूरा हो सकता है, जब आपने जेईई मेन और जेईई एडवांस्ड की परीक्षा को पास किया हो. इसके बिना आपका यह सपना पूरा नहीं हो सकता है. इसके बाद मास्टर डिग्री में भी GATE की परीक्षा देकर आप आईआईटी में दाखिला ले सकते हैं. लेकिन अगर आप गेट की परीक्षा में सफल नहीं हो पाएं, तो यहां पढ़ना आपके लिए नामुमकिन सा है. लेकिन आज हम आपको आईआईटी के एक ऐसे कोर्ट के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां आपको गेट की परीक्षा देने की कोई जरूरत नहीं है.
कैसे ले सकते हैं दाखिला?
भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मद्रास (IIT मद्रास) ई-मोबिलिटी (WEMEM) में वर्किंग प्रोफेशनल्स के लिए हाल ही में अपने नए लॉन्च किए गए प्रोग्रामों के लिए आवेदन मांगने शुरु कर दिए हैं. च्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट code.iitm.ac.in/emobility पर जाकर सीधा अप्लाई कर सकते हैं. उम्मीदवार को आवेदन के लिए 26 मई तक का समय दिया गया है. यह प्रोग्राम IIT मद्रास सेंटर फॉर आउटरीच एंड डिजिटल एजुकेशन (CODE) द्वारा इंजीनियरिंग डिज़ाइन विभाग के समन्वय के साथ में मिलकर पेश किया गया है.
कौन कर सकता है आवेदन?
जो भी उम्मीदवार इस कोर्स के लिए आवेदन करना चाहते हैं, उनके पास न्यूनतम 6.0 CGPA या 60 प्रतिशत अंकों के साथ इंजीनियरिंग विषय में बीटेक या बीई की डिग्री होना बेहद जरूरी है. इसके साथ ही उम्मीदवार के पास दो साल काम करने का भी अनुभव होना चाहिए.
आईआईटी में मिलेगा दाखिला?
सभी उम्मीदवारों को फंडामेंटल मैथमेटिक्स और फिजिक्स प्रिंसिपल पर कंप्यूटर आधारित लिखित परीक्षा देनी होगी. उम्मीदवारों को परीक्षा की तैयारी के लिए रिकॉर्ड वीडियो और नमूना प्रश्न भी प्रदान किए जाएंगे.
आवेदन शुल्क और कोर्स फीस
आईआईटी मद्रास के इस कोर्स के लिए जो भी आवेदन कर रहा है, उन्हें आवेदन शुल्क के तौर पर 3000 रुपये का भुगदान करना होगा. साथ ही आधिकारिक वेबसाइट के मुताबिक, कोर्स की कुल फीस 8.57 लाख रुपये है.
अन्य जरूरी जानकारी
उम्मीदवारों को ध्यान देना होगा कि इस कोर्स में दाखिला लेने वाले उम्मीदवार की कोई सीमा नहीं है. उम्मीदवार के लिए सिलेबस को आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद है. एक साल में 3 सेशन होंगे, जनवरी, मई और सितंबर में होते हैं. प्रत्येक सेशन में 12 सप्ताल का कोर्ट वर्क शामिल होगा. इसके बाद फाइनल परीक्षा आयोजित की जाएगी. मास्टर डिग्री प्राप्त करने के लिए प्रतिभागियों को 190 एकेडमिक क्रेडिट पूरे करने होंगे. इनमें कोर्स वर्क के 105 क्रेडिट परीक्षा आयोजित की जाएगी. प्रतिभागियों को मास्टर डिग्री प्राप्त करने के लिए 190 एकेडमिक क्रेडिट पूरे करने होंगे.इनमें कोर्स वर्क के 105 क्रेडिट के साथ प्रोजेक्ट वर्क के 85 क्रेडिट शामिल हैं.