Navitaire Outage: भारत और दुनिया भर में, खासकर एशिया-पैसिफिक (APAC) रीजन और यूरोप में, गुरुवार सुबह नेविटेयर के कुछ समय के लिए बंद होने की वजह से एयरलाइंस को दिक्कतों का सामना करना पड़ा. मामले से जुड़े लोगों ने मीडिया को बताया कि इस वजह से दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर चेक-इन पर भी असर पड़ा.
दिल्ली एयरपोर्ट पर झेलनी पड़ी दिक्क्त
एयरपोर्ट के एक अधिकारी ने जानकारी दी है कि गुरुवार सुबह 6:45 बजे से 7:28 बजे के बीच नेविटेयर सर्वर डाउन था, जिससे दिल्ली एयरपोर्ट पर अकासा, इंडिगो, स्पाइसजेट और एयर इंडिया एक्सप्रेस के चेक-इन पर असर पड़ा. अधिकारी ने आगे कहा कि सर्विस अब नॉर्मल हैं. पिछले साल दिसंबर में, एक “थर्ड-पार्टी सिस्टम” की वजह से हुई टेक्निकल गड़बड़ी की वजह से कई एयरपोर्ट पर चेक-इन में रुकावट आई और कई एयरलाइन की फ्लाइट में देरी हुई. एयर इंडिया समेत कई एयरलाइन ने इस रुकावट के बीच एडवाइजरी जारी की थी. कुछ घंटों बाद, दिक्कत पूरी तरह से ठीक हो गई और एयरपोर्ट पर ऑपरेशन नॉर्मल हो गए.
क्यों आ रहीं एयरलाइंस में दिक्कतें
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी बड़ी एयरलाइंस में दिक्कतें आ रही थीं, जिससे लंबी लाइनें लग गईं और ऑपरेशन धीमा हो गया. IP-बेस्ड AMSS सिस्टम में टेक्निकल दिक्कत का पता चला, जिसके बाद MoCA के सेक्रेटरी ने चेयरमैन AAI, मेंबर ANS और दूसरे अधिकारियों के साथ एक रिव्यू मीटिंग की और दिक्कतों को ठीक करने के लिए ज़रूरी निर्देश दिए. इस गड़बड़ी की वजह से एयर ट्रैफिक कंट्रोलर (ATC) को मौजूद डेटा का इस्तेमाल करके मैन्युअल रूप से फ्लाइट प्लान बनाने पड़े, यह एक समय लेने वाला प्रोसेस था जिससे फ्लाइट में देरी हुई.
क्या है नेविटेयर?
नेविटेयर एक एमेडियस कंपनी है जो न्यू स्काईज़ नाम का एक डिजिटल-फर्स्ट पैसेंजर सर्विस सिस्टम (PSS) देती है. कम लागत वाली एयरलाइंस और हाइब्रिड एयरलाइंस इस सिस्टम का इस्तेमाल रिज़र्वेशन, टिकटिंग और एयरपोर्ट ऑपरेशन को मैनेज करने के लिए करती हैं. यह एक क्लाउड-बेस्ड प्लेटफॉर्म है जो डिपार्चर कंट्रोल, सेल्फ-सर्विस चेक-इन, बोर्डिंग और बैगेज ट्रैकिंग के लिए GoNow जैसे टूल्स को एक साथ लाता है.