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Saket Court Suicide : दिल्ली में Saket Court की बिल्डिंग से शख्स ने लगाई छलांग, मरने से पहले छोड़ा सुसाइड नोट

Saket Court Suicide : दिल्ली के साकेत कोर्ट में काम करने वाले एक शख्स ने अदालत की इमारत से कूद कर अपनी जान दे दी. उसने मरने से पहले सुसाइड नोट भी छोड़ा है.

By: Preeti Rajput | Last Updated: January 9, 2026 1:30:21 PM IST



Saket Court Suicide : दिल्‍ली के साकेत कोर्ट की इमारत से एक शख्स ने छलांग लगाकर आत्महत्या कर ली है. मरने से पहले शख्स ने सुसाइड नोट भी छोड़ा है. सुसाइड करने वाला शख्‍स साकेत कोर्ट में ही काम करता था. वह शख्स दिव्यांग था. पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर घटना की जांच शुरु कर दी है.

साकेत कोर्ट की इमारत से लगाई छलांग

जानकारी के मुताबिक, ये शख्‍स पिछले काफी दिनों से मानसिक तौर पर परेशानी का सामना कर रहा था. डीसीपी साउथ अंकित चौहान ने कहा कि “अब तक जांच में साफ हुआ है कि मृतक साकेत कोर्ट में ही कर्मचारी के पद पर कार्यरत था.पुलिस ने घटनास्थल से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया है. सुसाइड नोट में साफ लिखा है कि वह ऑफिस के काम के दबाव के चलते आत्महत्या कर रहा है। उसने यह भी लिखा कि वह यह कदम अपनी मर्जी से उठा रहा है। इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है। कर्मचारी ने जानकारी देते हुए कहा कि अहलमद बनने के बाद से उसे तनाव महसूस हो रहा था।”

सुसाइड नोट में बताई वजह 

शख्स ने सुसाइड नोट में लिखा कि ‘आज में ऑफिस के काम के दबाव के कारण आत्महत्या करने जा रहा हूं. इसके लिए कोई जिम्मेदार नहीं है. जब से मैं अहल्मद बना हूं, मेरे मन में आत्महत्या के विचार आ रहे हैं. मैंने अपने यह विचार किसी से साझा नहीं किए है. मैंने इन विचारों पर काबू करने की पूरी कोशिश की है. लेकिन फिर भी मैं नाकाम रहा. मैं 60% विकलांग हूं…यह नौकरी मेरे लिए बहुत कठिन है. मैं इस दबाव के कारण झुक गया हूं. 

‘मुझे नींद नहीं आती’

जब से मैं अहल्मद बना हूं, मुझे नींद नहीं आ रही और मैं काफी ज्यादा सोचता रहता हूं. अगर मैं जल्दी रिटायर भी हो जाता हूं, तो भी मुझे अपनी पेंशन 60 साल की उम्र में ही दी जाएगी. अब आत्महत्या ही मेरे लिए एकमात्र विकल्प बचा हुआ है. मैं हाई कोर्ट से निवेदन करता हूं कि किसी विकलांग व्यक्ति के प्रति नरम रुख अपनाना चाहिए. ताकी किसी को भविष्य में कोई भी मेरे जैसे कष्ट न से. मैं एक बार फिर से दोहराता हूं कि मेरी आत्महत्या के लिए कोई भी व्यक्ति जिम्मेदार नहीं है.  

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