महागठबंधन में दरार? JMM ने छोड़ा बिहार चुनाव, RJD-कांग्रेस को बताया जिम्मेदार

Bihar Chunav: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने बिहार चुनाव से खुद को अलग कर लिया है. पार्टी ने राजद और कांग्रेस पर धोखे का आरोप लगाया है. JMM का मानना ​​है कि इसका झारखंड की राजनीति पर असर पड़ सकता है.

Published by Mohammad Nematullah

Bihar Chunav 2025: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले महागठबंधन और झामुमो (Jharkhand Mukti Morcha) के बीच दरार उभर आई है. झामुमो ने इसके लिए राजद और कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए खुद को बिहार विधानसभा चुनाव से पूरी तरह अलग कर लिया है. नगर विकास मंत्री सुदिब्य कुमार सोनू ने सोमवार को नए विधानसभा भवन में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव में झामुमो को राजनीतिक रूप से बरगलाया गया है. झामुमो चुनाव में हिस्सा नहीं लेगा. उन्होंने आगे कहा कि बिहार विधानसभा चुनाव के दूसरे चरण के लिए नामांकन की अंतिम तिथि आज समाप्त हो गई.

क्यों किया किनारा?

झामुमो ने इस चुनाव से खुद को अलग कर लिया है. इसके लिए राजद पूरी तरह ज़िम्मेदार है, जबकि कांग्रेस भी गठबंधन के सिद्धांतों का पालन न करने के लिए ज़िम्मेदार है. झामुमो महागठबंधन का हिस्सा बनकर चुनाव में अहम भूमिका निभा सकता था. झामुमो ने 2015 के चुनाव में राजद का समर्थन किया था. राजद ने 2020 के चुनाव में झामुमो को तीन सीटें देने का वादा किया था, लेकिन उसने ऐसा नहीं किया. 2024 के झारखंड विधानसभा चुनाव में झामुमो ने राजद, कांग्रेस और वाम दलों को शामिल करके गठबंधन धर्म निभाया.

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महागठबंधन से अलग क्यो?

बिहार चुनाव में झामुमो के साथ विश्वासघात हुआ. इससे झामुमो आहत है. मंत्री ने कहा कि पार्टी संगठन की ओर से वे मुख्यमंत्री के निर्देश पर 7 अक्टूबर को पटना गए थे. वहां राजद के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत हुई. बातचीत के दौरान झामुमो को पांच सीटें देने पर सहमति बनी, लेकिन राजनीतिक जोड़-तोड़ के चलते झामुमो को महागठबंधन में शामिल नहीं किया गया. जिससे झामुमो को गहरा आघात पहुंचा है. उन्होंने कहा कि झामुमो को नुकसान पहुंचाने वाली ताकत को इस व्यवहार का खामियाजा भुगतना पड़ेगा. इसके लिए जितनी राजद दोषी है, उतनी ही कांग्रेस भी जिम्मेदार है, क्योंकि कांग्रेस पूरे मामले पर चुप रही.

इसका झारखंड की राजनीति पर असर पड़ सकता

बिहार विधानसभा चुनाव से झामुमो के बाहर होने का झारखंड की राजनीति पर भी असर पड़ सकता है. आने वाले दिनों में यहां कुछ बदलाव देखने को मिल सकते हैं. मंत्री सोनू ने भी इसके संकेत दिए है. एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि संगठन महागठबंधन की गतिविधियों की समीक्षा कर झामुमो और झारखंड के हित में निर्णय लेगा. इस अवसर पर झामुमो जिलाध्यक्ष संजय सिंह, जिला प्रवक्ता कृष्ण मुरारी शर्मा समेत अन्य उपस्थित थे.

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