GPM Water Crisis : ग्रीष्म ऋतु में पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए छत्तीसगढ़ पेयजल परीरक्षण अधिनियम 1986 में प्रदत्त शक्तियों को प्रयोग में लाते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी लीना कमलेश मंडावी ने गौरेला पेण्ड्रा मरवाही सम्पूर्ण जिले को 18 अप्रैल 2026 से आगामी आदेश पर्यन्त जल अभाव क्षेत्र घोषित कर दिया है.
इस अवधि में पेयजल के अलावा अन्य किसी प्रयोजन के लिए सक्षम अधिकारी की पूर्वानुमति के बिना कोई नया नलकूप खनन नहीं किया जा सकेगा.
विभागों को जारी किए गए आदेश
इस संबंध में जारी आदेश में कहा गया है कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग को सम्पूर्ण जिले में तथा नगरपालिका परिषदों व नगर पंचायतों को केवल पेयजल के लिए अपने नगरीय निकाय की सीमा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में नलकूप खनन हेतु अनुमति की आवश्यकता नहीं होगी, लेकिन उन्हें केवल इस अवधि में खनन कराए गए नलकूपों की जानकारी प्राधिकृत अधिकारी को भेजना होगा.
दो सदस्यीय समिति का गठन
कलेक्टर द्वारा नलकूप खनन हेतु अनुमति प्रदान करने के लिए अतिरिक्त कलेक्टर को प्राधिकृत अधिकारी अधिकृत करते हुए उनकी अध्यक्षता में दो सदस्यीय समिति का गठन किया गया है. राजस्व अनुभाग गौरेला एवं पेण्ड्रा कार्यक्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व पेण्ड्रारोड और राजस्व अनुभाग मरवाही कार्यक्षेत्र के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व मरवाही को नलकूप खनन संबंधी अनुमति के लिए प्राधिकृत अधिकारी बनाया गया है.
बिना अनुमति के नलकूप खनन हुआ, तो होगी कार्यवाही
नलकूप खनन की अनुमति हेतु संबंधित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के कार्यालय में दो रूपए की शुल्क जमा कर कार्यालयीन समय में आवेदन पत्र प्राप्त किया जा सकता है तथा निर्धारित आवेदन पत्र में आवश्यक दस्तावेज एवं जानकारी के साथ आवेदन जमा करना होगा. प्राधिकृत अधिकारी द्वारा दस दिवस के भीतर छानबीन कर उपयुक्त पाए जाने पर अनुमति प्रदान कर सकेंगे.
आदेश में कहा गया है कि यदि किसी व्यक्ति या एजेंसी द्वारा बिना अनुमति के नलकूप खनन करना पाया जाता है, तो उसके विरूद्ध नियमानुसार कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी.
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