Child marriage stopped Chhattisgarh: जिला चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर एक महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई कि गौरैला-पेंड्रा-मरवाही जिले के ब्लॉक पेंड्रा की ग्राम पंचायत सोन बचरवार, थाना गौरैला में एक अज्ञात नाबालिग बालक का विवाह प्रारंभ होने वाला है. जिला बाल संरक्षण अधिकारी और जिला जी.पी.एम. को तुरंत इसकी जानकारी दी गई. मामले को संज्ञान में लेते हुए, महिला एवं बाल विकास विभाग जी.पी.एम. के जिला कार्यक्रम अधिकारी अमित सिन्हा के निर्देशन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी बीरेंद्र कुर्रे ने तत्काल एक टीम गठित की.
ऐन वक्त पर पहुंचकर टीम ने रोकी शादी
टीम में ब्लॉक परियोजना अधिकारी के नेतृत्व में सेक्टर सुपरवाइजर, चाइल्ड हेल्पलाइन, जिला बाल संरक्षण इकाई, थाना पेंड्रा पुलिस, उप सरपंच, सचिव और पंचायत के सदस्य शामिल थे. टीम मौके पर पहुंची और बालक के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की. अंक सूची के अनुसार बालक की उम्र मात्र 17 वर्ष 10 माह 14 दिन पाई गई, जो बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के अनुसार निर्धारित 21 वर्ष की आयु से कम थी.
टीम ने दी बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 की जानकारी
टीम ने बालक और बालिका दोनों पक्षों के माता-पिता तथा परिवारजनों को बाल विवाह की हानियों के बारे में विस्तार से समझाया. साथ ही, बाल विवाह निषेध अधिनियम 2006 के कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी. अंत में दोनों पक्षों से घोषणा पत्र/पंचनामा पर हस्ताक्षर करवाकर बाल विवाह पर तुरंत रोक लगा दी गई.
यह घटना प्रशासन की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई का उत्तम उदाहरण है, जो बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति को जड़ से खत्म करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम है. बाल विवाह न केवल बच्चों के स्वास्थ्य और शिक्षा को प्रभावित करता है, बल्कि उनके भविष्य को भी अंधकारमय बना देता है.
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