Chhattisgarh Cyber Fraud: छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के भखारा क्षेत्र से एक चौंकाने वाला साइबर ठगी का मामला सामने आया है. यहां भखारा निवासी कमलेश ठाकुर, जो भिलाई में कार्यरत हैं, को वर्ष 2022 में एक अज्ञात नंबर से कॉल आया. कॉल करने वाले ने उन्हें इनाम में कार जीतने की जानकारी दी और यहीं से ठगी का सिलसिला शुरू हुआ.
प्रोसेसिंग चार्ज के नाम पर वसूली
ठग ने कार को घर तक पहुंचाने के नाम पर सबसे पहले डीजल खर्च और ड्राइवर फीस मांगी. पीड़ित ने भरोसा करते हुए रकम ट्रांसफर कर दी. इसके बाद आरोपी ने अलग-अलग बहानों से पैसे मांगना जारी रखा. कभी रकम को दोगुना करने का लालच दिया गया, तो कभी टैक्स, प्रोसेसिंग फीस और अन्य कागजी कार्यवाही के नाम पर किश्तों में रकम जमा कराई गई.
तीन साल तक चलता रहा ठगी का खेल
यह ठगी एक-दो दिन की नहीं थी, बल्कि बेहद योजनाबद्ध तरीके से लगभग तीन वर्षों तक चलती रही. वर्ष 2022 से लेकर 2025 तक आरोपी ने लगातार पीड़ित से पैसे ऐंठे और कुल मिलाकर करीब एक करोड़ रुपये की बड़ी रकम ठग ली. इस दौरान पीड़ित को लगातार भरोसे में रखा गया.
कार नहीं मिलने पर हुआ शक
जब लंबे समय तक कार नहीं मिली और आरोपी ने संपर्क करना बंद कर दिया, तब पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ. इसके बाद उन्होंने तुरंत भखारा थाने में पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई, जिससे पूरे मामले का खुलासा हुआ.
साइबर सेल कर रही जांच
शिकायत के आधार पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत मामला दर्ज कर लिया है. साथ ही साइबर सेल की मदद से उन बैंक खातों और ट्रांजेक्शनों की जांच की जा रही है, जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे. पुलिस आरोपियों तक पहुंचने के लिए तकनीकी साक्ष्यों को खंगाल रही है.
लॉटरी और इनाम के झांसे से रहें सतर्क
पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के लॉटरी, इनाम या संदिग्ध कॉल पर भरोसा न करें. बिना सत्यापन के किसी भी अनजान व्यक्ति को पैसे ट्रांसफर करने से बचें, ताकि इस तरह की साइबर ठगी से खुद को सुरक्षित रखा जा सके.
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