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Akshaya Tritiya 2026: अक्षय तृतीया पर शाम कब से शुरू होगा शुभ समय? जानें खरीदारी और पूजा का सही टाइम

Akshaya Tritiya 2026: देशभर में आज अक्षय तृतीया का पावन पर्व मनाया जा रहा है, जिसे बेहद शुभ और फलदायी दिन माना जाता है. इस दिन सोना-चांदी खरीदना, विवाह, सगाई और अन्य शुभ कार्य बिना मुहूर्त के भी किए जा सकते हैं. शाम के समय विशेष शुभ मुहूर्त में पूजा और खरीदारी करना अत्यंत लाभकारी माना गया है.

By: Ranjana Sharma | Published: April 19, 2026 2:57:00 PM IST



Akshaya Tritiya 2026: आज पूरे देश में अक्षय तृतीया का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जा रहा है. इस दिन को हिंदू धर्म में अत्यंत शुभ माना जाता है, जिसे ‘अखा तीज’ भी कहा जाता है. खास बात यह है कि यह दिन अबूझ मुहूर्त होता है, यानी बिना किसी विशेष मुहूर्त के भी विवाह, सगाई, खरीदारी और अन्य शुभ कार्य किए जा सकते हैं. इसी कारण लोग इस दिन सोना-चांदी और अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं.

शाम के शुभ मुहूर्त में करें पूजा और खरीदारी

द्रिक पंचांग के अनुसार, अक्षय तृतीया पर आज शाम पूजा का विशेष शुभ मुहूर्त शाम 6 बजकर 49 मिनट से लेकर रात 10 बजकर 57 मिनट तक रहेगा. इस समय में लक्ष्मी-नारायण की पूजा करना अत्यंत फलदायी माना गया है. इसके अलावा, ऑफिस या कार्यस्थल पर पूजा के लिए शाम 5 बजकर 50 मिनट से लेकर रात 8 बजकर 06 मिनट तक का समय शुभ रहेगा.

खरीदारी के लिए दो खास शुभ समय

  • यदि आपने अभी तक अक्षय तृतीया पर खरीदारी नहीं की है, तो आज शाम भी आपके पास दो शुभ अवसर मौजूद हैं.
  • पहला मुहूर्त चौघड़िया के अनुसार शाम 4 बजे से रात 8 बजे तक रहेगा.
  • दूसरा मुहूर्त लाभ काल में शाम 6 बजकर 49 मिनट से रात 10 बजकर 57 मिनट तक रहेगा.
    इन समयों में सोना, चांदी या अन्य कीमती वस्तुओं की खरीदारी करना बेहद शुभ माना गया है.

अबूझ मुहूर्त: पूरे दिन रहता है शुभ समय

अक्षय तृतीया का पूरा दिन ही अबूझ मुहूर्त माना जाता है. इसका अर्थ है कि इस दिन किसी भी समय बिना पंचांग देखे शुभ कार्य किए जा सकते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन किया गया हर शुभ कार्य अक्षय फल देता है, यानी उसका लाभ कभी समाप्त नहीं होता.

खरीदारी का महत्व

अक्षय तृतीया के दिन खरीदारी का विशेष महत्व होता है. मान्यता है कि इस दिन खरीदी गई वस्तुएं घर में सुख-समृद्धि और धन की वृद्धि लाती हैं. इस दिन सोना-चांदी खरीदना सबसे शुभ माना जाता है. इसके अलावा लोग जमीन, घर, प्रॉपर्टी, वाहन और पूजा से जुड़ी वस्तुएं जैसे भगवान की मूर्ति, चांदी के सिक्के और कलश भी खरीदते हैं.

क्यों खास है यह दिन

पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, अक्षय तृतीया के दिन भगवान विष्णु के छठे अवतार परशुराम का जन्म हुआ था. इसलिए इस दिन भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा विशेष फलदायी मानी जाती है. यह भी माना जाता है कि इसी दिन वेदव्यास जी ने भगवान गणेश को महाभारत लिखाना शुरू किया था. साथ ही मां अन्नपूर्णा का प्रकट होना और कुबेर को धन का खजाना प्राप्त होना भी इसी दिन से जुड़ा हुआ माना जाता है.

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