Zomato Platform Fee Hike: ईरान और इजराइल के बीच चल रही जंग का असर आपके खाने-पीने पर पड़ने लगा है. एलपीजी सिलेंडर और पेट्रोल-डीजल में बढ़ोतरी के बाद निजी कंपनियों ने भी अपने दाम बढ़ाने शुरू कर दिए हैं. इसी कड़ी में फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो (Zomato) ने अपने उपभोक्ताओं को तगड़ा झटका दिया है. कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, Zomato ने अब प्रति ऑर्डर ली जाने वाली प्लेटफॉर्म फीस में 2 रुपये 40 पैसे का इजाफा कर दिया है. इसके बाद आपको Zomato से खाना मंगाना पड़ेगा.
यहां पर बता दें कि प्लेटफॉर्म फीस GST लागू होने से पहले प्रति ऑर्डर 12 रुपये 50 पैसे था जो अब 14 रुपये 90 पैसे हो गया है. इससे पहले सितंबर 2025 में भी Zomato ने फीस में इजाफा किया था. यहां पर बता दें कि जोमैटो को टक्कर देने वाली कंपनी स्विगी वर्तमान में प्रति ऑर्डर 14.99 रुपये प्लेटफॉर्म फीस के रूप में ले रही है. बताया जा रहा है कि हो सकते हैं कि अगले कुछ दिनों में स्विगी ऑर्डर के लिए प्लेटफॉर्म फीस में इजाफा कर दे.
क्यों बढ़ाई गई फ्लेटफॉर्म फीस?
कंपनी स्टार्टअप रैपिडो की ओर से जानकारी दी गई है कि वह उपभोक्ताओं से डिलीवरी फीस के अलावा रेस्तरां से कोई अतिरिक्त फीस नहीं लेगी. हालांकि यह तर्क लोगों के गले नहीं उतर रहा है. रैपिडो के इस कदम के बाद अब दामों में इजाफा होना लाजिमी हो गया था.
जानकारों का कहना है कि महंगाई के दौर में प्रतियोगिता भी बढ़ गई है. फ़ूड डिलीवरी कंपनी को रैपिडो से भी मुकाबला करना पड़ रहा है. रैपिडो खुद की ओनली सेवा की शुरुआत कर चुका है. यह प्लेटफ़ॉर्म बेंगलुरु के कोरमंगला, एचएसआर और बीटीएम लेआउट क्षेत्रों में एक्टिव है. बताया जाता है कि ज़ोमैटो और स्विगी रेस्तरां से 16-30 प्रतिशत तक कमीशन लेते हैं वहीं, ओनली 8-15 प्रतिशत वसूलता है. ऐसे में दिक्कत आना तय थी. यही वजह है कि जोमैटो ने प्लेटफॉर्म फीस बढ़ाने का फैसला किया है.