DME Gas Alternative LPG: ईरान और इजराइल-अमेरिका के बीच जारी जंग ने दुनियाभर में ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है. पेट्रोल और डीजल के साथ अन्य पदार्थों में बढ़ोतरी के बीच कच्चे तेल के दामों ने आसमान छू लिया है. वैश्विक संकट का सबसे ज्यादा असर भारत में LPG गैस की सप्लाई पड़ा है. सरकार का मानना है कि गैस सिलेंडर की सप्लाई पर्याप्त है, लेकिन अफरा-तफरी के चलते संकट पैदा हो रहा है. भारत में कथित तौर पर जारी एलपीजी संकट (LPG Crisis India) के बीच भारतीय वैज्ञानिकों ने इसका रास्ता निकाल लिया है. भारतीय वैज्ञानिकों का दावा है कि उन्होंने DME गैस बनाई है, जो LPG गैस सिलेंडर का ऑप्शन साबित हो सकती है. आने वाले समय में सिलेंडर और चूल्हे में बिना किसी बदलाव के चलते DME गैस का इस्तेमाल किया जा सकता है. एक तरह से यह भारत के लिए अच्छी खबर है.
क्या है डाइमिथाइल ईथर (DME)
एलपीजी गैस सिलेंडर के संकट के बीच पुणे के वैज्ञानिकों ने LPG का विकल्प तलाशते हुए सस्ता और स्वदेशी विकल्प तैयार किया है. वैज्ञानिकों ने डाइमिथाइल ईथर (DME) गैस बनाने का दावा किया है. पुणे की CSIR-NCL का कहना है कि उन्होंने डाइमिथाइल ईथर को LPG बनाया है. पुणे के वैज्ञानिकों का कहना है कि DME (डाइमिथाइल ईथर) LPG का विकल्प बन सकता है, क्योंकि वह इसी तरह जलता है. सबसे अच्छी बात यह है कि इसके इस्तेमला से ही कम प्रदूषण फैलता है. यह गैस भी LPG से काफी मिलती-जुलती है.
20 साल बाद मिली सफलता
पुणे NCL की मानें तो DME पर पिछले 20 वर्षों से काम चल रहा था. CSIR–नेशनल केमिकल लेबोरेटरी के वैज्ञानिकों ने DME उत्पादन को बड़े पैमाने पर बढ़ाने पर काम शुरू कर दिया है. लेबोरेटरी ने DME के लिए एक पायलट प्लांट स्थापित किया है. आने वाले समय में अब उत्पादन बढ़ाने के लिए इस सुविधा का विस्तार करने की योजना बना रही है.
मेथनॉल से आर्टिफिशियल बनता है DME
वैज्ञानिकों की मानें तो DME मेथनॉल से आर्टिफिशियल रूप से बनाया जाता है. इसमें बायोमास और कोयला, यहां तक कि कैप्चर्ड कार्बन डाइऑक्साइड भी शामिल है. डीएमई और एलपीजी में कई गुण मिलते हैं. आने वाले समय में DME का इस्तेमाल करने से घर के चूल्हे या सिलेंडर में किसी भी तरह के बदलाव की जरूरत नहीं होगी. वैज्ञानिकों का दावा है कि एलपीजी के मुकाबले DME गैस जलने पर बहुत कम प्रदूषण फैलाती है.