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Bihar Librarian Recruitment: बिहार 5500 लाइब्रेरियन की होगी भर्ती, BPSC TRE-4 की नियुक्ति भी जल्द, शिक्षा मंत्री की घोषणा

Bihar Librarian Vacancy: बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि कुछ साल पहले तक राज्य में शिक्षकों की भारी कमी थी, लेकिन अब शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की कुल संख्या 2 लाख 27 हजार से अधिक हो चुकी है. बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं और TRE-4 के माध्यम से आगे भी बहाली होगी.

Published by Hasnain Alam

Bihar Librarian Recruitment News: बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शिक्षा विभाग से जुड़े कई अहम मुद्दों पर सरकार का पक्ष रखा. इस मौके पर उन्होंने बीपीएससी टीआरई-4 को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिए. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में शिक्षकों की नई बहाली की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी.

शिक्षा मंत्री ने बताया कि राज्य में जल्द ही 5500 लाइब्रेरियन की बहाली की जाएगी. इसके साथ ही दिव्यांगजनों के लिए 7500 पदों पर भी नियुक्ति जल्द पूरी की जाएगी. उन्होंने कहा कि कुछ साल पहले तक राज्य में शिक्षकों की भारी कमी थी, लेकिन अब शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों की कुल संख्या 2 लाख 27 हजार से अधिक हो चुकी है. बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की गई हैं और TRE-4 के माध्यम से आगे भी बहाली होगी.

‘नए शिक्षकों की नियुक्ति और उनके प्रशिक्षण पर सरकार गंभीर’

सुनील कुमार ने कहा कि नए शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ उनके प्रशिक्षण पर भी सरकार गंभीर है. इसके लिए नियमित वर्कशॉप और ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाए जा रहे हैं. राज्य में स्मार्ट क्लासरूम विकसित किए गए हैं, शिक्षकों को टैबलेट दिए जा रहे हैं और द्विभाषी पाठ्य पुस्तकों की व्यवस्था की गई है.

मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि राज्य की जिम्मेदारी उन्हें न्याय के साथ विकास की सोच के तहत सौंपी गई है. मुख्यमंत्री ने शिक्षा को हमेशा प्राथमिकता में रखा है. उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के बजट में शिक्षा के लिए 70 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है, जो बिहार के इतिहास में अब तक का सबसे बड़ा शिक्षा बजट है.

शिक्षा में गुणवत्ता, रिसर्च और स्किल पर जोर- सुनील कुमार

मंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल पढ़ाई तक सीमित नहीं है, बल्कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, रिसर्च और स्किल डेवलपमेंट पर विशेष फोकस किया जा रहा है. हाल ही में कैबिनेट से मंजूरी पाए ‘सात निश्चय-3’ कार्यक्रम के तहत शिक्षा को खास प्राथमिकता दी गई है. योजना के अनुसार हर प्रखंड में एक मॉडल स्कूल खोला जाएगा और पुराने कॉलेजों व शैक्षणिक संस्थानों को आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा.

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उन्होंने बताया कि छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत हजारों छात्रों को डीबीटी के जरिए सीधे उनके खातों में राशि भेजी गई है. स्कूल छोड़ने वाले बच्चों की संख्या घटकर लगभग एक प्रतिशत रह गई है. मिड-डे मील योजना को भी मजबूत किया गया है और रसोइया दीदियों के मानदेय में बढ़ोतरी की गई है. बालिकाओं की शिक्षा को लेकर सरकार विशेष प्रयास कर रही है.

शिक्षा मंत्री ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि छात्रों को किताबें और स्कूल किट समय पर मिलें. अब तक एक करोड़ 19 लाख से अधिक बच्चों तक पाठ्य पुस्तकें पहुंचाई जा चुकी हैं.

देर से सत्र चलने को लेकर क्या बोले शिक्षा मंत्री?

उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा व्यवस्था को भी दुरुस्त किया जा रहा है. कई विश्वविद्यालयों में सत्र देर से चलने की समस्या थी, जिसमें अब काफी हद तक सुधार हुआ है. मैट्रिक और इंटरमीडिएट के परीक्षा परिणामों में भी पहले की तुलना में बेहतर प्रदर्शन देखने को मिला है.

मंत्री ने स्पष्ट किया कि शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषी शिक्षकों या कर्मियों पर कार्रवाई की जाती है. उन्होंने कहा कि सरकार विकसित और प्रगतिशील बिहार के निर्माण की दिशा में लगातार काम कर रही है और ‘सात निश्चय-3’ के सभी लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा.

(पटना से शैलेंद्र की रिपोर्ट)

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