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Aurangabad Lineman Death: करंट से गई जान, बिजली विभाग पर फूटा गुस्सा; विद्युत कर्मी की मौत के बाद ग्रामिणों ने NH-19 किया जाम

Electric shock death Bihar: घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए.

By: Shubahm Srivastava | Published: April 19, 2026 1:29:45 PM IST



Aurangabad Lineman Death: जिले के मदनपुर थाना क्षेत्र के रुनिया गांव में रविवार सुबह एक दर्दनाक हादसे में विद्युत कर्मी की करंट लगने से मौत हो गई. मृतक की पहचान पहाड़िया गांव निवासी 45 वर्षीय उमेश सिंह के रूप में की गई है, जो पिछले करीब 15 वर्षों से मदनपुर बिजली कार्यालय में लाइनमैन के पद पर कार्यरत थे.

करेंट लगने से हुई मौत

जानकारी के अनुसार रुनिया गांव में ट्रांसफार्मर खराब हो गया था, जिसे ठीक करने के लिए उमेश सिंह पोल पर चढ़कर मरम्मत कार्य कर रहे थे. इसी दौरान अचानक विद्युत प्रवाहित होने लगी और वे करंट की चपेट में आ गए. करंट लगते ही वे पोल पर ही अचेत हो गए और कुछ ही क्षणों में उनकी मौके पर ही मौत हो गई. घटना इतनी अचानक हुई कि वहां मौजूद लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही सब कुछ खत्म हो चुका था.

विभाग की लापरवाही के कारण हुई घटना – ग्रामीण

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण जुट गए. जैसे ही हादसे की खबर परिजनों तक पहुंची घर में कोहराम मच गया. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है. हादसे से आक्रोशित ग्रामीणों ने जीटी रोड को जाम कर दिया और बिजली विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों का आरोप है कि यह घटना विभाग की लापरवाही के कारण हुई है.

उनका कहना है कि बिना समुचित सुरक्षा व्यवस्था और लाइन बंद किए ही कर्मी को पोल पर चढ़ा दिया गया, जिससे यह हादसा हुआ. घटना की सूचना मिलने पर मदनपुर बीडीओ अवतुलय कुमार आर्य, जिला परिषद सदस्य शंकर यादव, बेरी मुखिया प्रतिनिधि प्रफुल्ल सिंह, खिरियावां मुखिया रंजीत यादव, पैक्स अध्यक्ष अनुज सिंह, पंचायत समिति सदस्य अभिनव कुमार सिंह सहित घटनास्थल पर पहुंचे प्रदर्शन कर रहे हैं.

पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग

ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया परंतु ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे. ग्रामीण वरीय अधिकारियों को बुलाने की मांग कर रहे थे. पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा देने की मांग पर अड़े है. हालांकि प्रशासन की टीम लगातार ग्रामीणों को समझाने बुझाने में जुटी है. गांव में इस घटना के बाद मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.

पीछे छोड़ गए दो बेटे और तीन बेटियां 

उमेश सिंह अपने पीछे दो बेटे और तीन बेटियां छोड़ गए हैं, जिनमें एक बेटा तरुण और एक बेटी गुंजा की शादी हो चुकी है. जबकि दो बेटियों और एक बेटे की शादी करना बाकी है. पटना के बाद पुत्र तरुण व प्रवीन तथा पुत्री गुंजा, चंचला और अनीता का रो-रो कर बुरा हाल है. परिजनों को उचित मुआवजा दिलाने की मांग की. 

उन्होंने इस घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की. करीब एक घंटे से एनएच -19 जाम है. जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित हो गया.

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