Home > लाइफस्टाइल > Navratri 2025 : खीरा तोड़कर खाने से कड़वा क्यों नहीं लगता, लेकिन काटते ही कड़वापन क्यों आ जाता है?

Navratri 2025 : खीरा तोड़कर खाने से कड़वा क्यों नहीं लगता, लेकिन काटते ही कड़वापन क्यों आ जाता है?

Navratri 2025 : नवरात्रि में खीरा व्रत के लिए फायदेमंद है. तोड़कर खाने पर ये कड़वा नहीं लगता क्योंकि कड़वा तत्व नहीं फैलता, जबकि काटने पर रस फैलने से कड़वापन बढ़ जाता है.

By: sanskritij jaipuria | Published: September 23, 2025 5:08:14 PM IST



Navratri 2025 Cucumber Facts  : नवरात्रि का समय बहुत पवित्र माना जाता है. इन नौ दिनों में लोग व्रत रखते हैं और केवल हल्का, सात्विक और फलाहार वाला खाना खाते हैं. खीरा ऐसी ही एक चीज है जो व्रत में खूब खाई जाती है. ये शरीर को ठंडक देता है, भूख को शांत करता है और पेट भी साफ रखता है. लेकिन आपने कभी सोचा है कि जब खीरे को हाथ से तोड़ा जाता है तो वो कड़वा नहीं लगता, लेकिन जैसे ही उसे चाकू से काटते हैं, वो कड़वा क्यों लगने लगता है? आइए जानते हैं-

 काटने से कड़वापन क्यों आता है?

खीरे में एक तरह का प्राकृतिक रसायन होता है जिसे कुकुर्बिटेसिन (Cucurbitacin) कहते हैं. ये रसायन ज्यादातर खीरे के सिरों और डंठल वाले हिस्से में होता है. जब हम खीरे को चाकू से काटते हैं, तो खीरे की अंदरूनी कोशिकाएं टूट जाती हैं और ये रसायन पूरे खीरे में फैलने लगता है. यही कारण है कि काटने के बाद खीरा कड़वा लग सकता है.

तोड़ने से खीरा कड़वा क्यों नहीं लगता?

जब हम खीरे को हाथ से तोड़ते हैं, तो उसका डंठल वाला हिस्सा अलग हो जाता है और उसका रस ज्यादा बाहर नहीं आता. इससे कड़वा रसायन बाकी हिस्से में नहीं फैलता. इसलिए तोड़कर खाने पर खीरा ज्यादातर मीठा या सामान्य स्वाद का लगता है.

 नवरात्रि में खीरा क्यों खाया जाता है?

नवरात्रि में शरीर को हल्का और साफ रखना जरूरी होता है. तले-भुने खाने से बचना चाहिए. ऐसे में खीरा एक बेहतरीन फल है जो शरीर को ठंडक देता है, पानी की कमी नहीं होने देता और पाचन को ठीक रखता है. यही वजह है कि व्रत में लोग खीरे को सलाद के रूप में या फलाहार के साथ खाना पसंद करते हैं.

खीरा खाते समय ध्यान देने वाली बातें

 खीरे का सिरा (डंठल वाला हिस्सा) पहले काटकर देख लें, अगर कड़वा लगे तो पूरा खीरा न खाएं.
 कोशिश करें कि खीरा हाथ से तोड़कर खाएं.
 अगर खीरे को काटना ही है, तो काटते ही तुरंत खा लें ताकि कड़वापन न फैले.
 अगर खीरे में झाग या सफेद दूध जैसा रस निकले, तो वो खीरा न खाएं.

नवरात्रि में जब आप व्रत रखते हैं, तो शरीर और मन दोनों की शुद्धता जरूरी होती है. खीरा एक अच्छा फल है, लेकिन उसे सही तरीके से खाएं.

Advertisement