Latest Viral Video : आज के समय में पहाड़ी क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदाएं जैसे बादल फटना, लैंडस्लाइड और बाढ़ आम हो गए हैं. उत्तर भारत के पर्वतीय राज्य – जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश – लगातार इन आपदाओं का सामना कर रहे हैं. हाल की घटनाएं बताती हैं कि किस तरह नेचर अब मानव से बदला लेने की मुद्रा में है. ऐसी ही एक एआई जनरेटेड वीडियो ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है.
एक वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि पहाड़ी इलाके में लकड़ी से बने रास्तों पर लोग चल रहे होते हैं, तभी अचानक एक बड़ी चट्टान टूटकर गिर जाती है. उसके बाद सिलसिलेवार तरीके से कई पत्थर नीचे गिरते हैं और एक डरावना नजारा बन जाता है. लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागते नजर आते हैं. हालांकि, राहत की बात ये है कि यह वीडियो असली नहीं, बल्कि एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) द्वारा बनाया गया है. फिर भी, इसे देखकर यही लगता है जैसे कोई सच्ची घटना हो.
रियएलटी से जुड़ा संदेश
ये वीडियो ट्विटर (अब एक्स) पर @Activist\_07 नामक यूजर ने शेयर किया है और इसके साथ लिखा है, ‘नेचर का हर रूप खतरनाक हो सकता है- फिर चाहे वो बादल फटना हो या सूखे पहाड़ों का गिरना. हर हालात में सावधानी जरूरी है.’ इस वीडियो ने केवल 10 सेकंड में दो लाख से भी ज्यादा बार देखा जाने का आंकड़ा पार कर लिया है.
पहाड़ों में बादल फटना हो या बरसात में बाढ़ का आना हो, ऐसे में सावधानी की जरूरत होती है, परन्तु सूखे पहाड़ भी गिर जाते हैं जिसमें भारी नुकसान हो जाता है प्रकृति का एक भयानक रूप ये भी होता है, आपको हर स्थिति में सावधान रहना चाहिए। pic.twitter.com/LeWCRMPzTN
— जिद्दी लड़का💕 (@Activist_07) August 26, 2025
लोगों की प्रतिक्रियाएं
जहां कुछ लोगों ने इसे एक तकनीकी चमत्कार कहा, वहीं कई यूजर ने इसे एक बड़ी वार्निंग माना. एक यूजर ने लिखा, ‘वीडियो भले ही नकली हो, लेकिन इसके पीछे का संदेश असली है – नेचर के साथ खिलवाड़ का अंजाम हमेशा भयानक होता है.’ वहीं, दूसरे ने लिखा, ‘बिना वजह पेड़ों की कटाई और पहाड़ों की खुदाई अब भारी पड़ रही है.’
ये वीडियो भले ही रियल न हो, पर मैसेज बिल्कुल साफ है – पहाड़ों में यात्रा करते समय हमेशा सतर्क रहें. मौसम की जानकारी लें, प्राकृतिक संकेतों को समझें और जिम्मेदार नागरिक की तरह फैसला करें. प्रकृति हमें संकेत दे रही है, अब भी समय है संभल जाने का.