Amit Shah First Reaction | Women’s Reservation Bill Failed : लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को लेकर शुक्रवार, 17 अप्रैल को सदन में काफी चर्चा की गई. लेकिन मतदान में यह बिल पास नहीं हो पाया. लोकसभा में कुल 528 मत पड़े थे, जिनमें से पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े. इस बिल को पास होने के लिए 352 वोट की जरूरत थी, लेकिन वोटों की कमी के कारण यह बिल लोकसभा में गिर गया.
अमित शाह का पहला रिएक्शन
बिल पास न होने के बाद गृह मंत्री अमित शाह का पहला रिएक्शन भी सामने आ चुका है. अमित शाह ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है. जिसमें उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि ‘आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा. नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया.’
आज लोकसभा में बहुत अजीब दृश्य दिखा।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जरूरी संविधान संशोधन बिल को कांग्रेस, TMC, DMK और समाजवादी पार्टी ने पारित नहीं होने दिया। महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है।
अब…
— Amit Shah (@AmitShah) April 17, 2026
‘नहीं मिल पाएगा अधिकार’
उन्होंने कहा कि ‘महिलाओं को 33% आरक्षण देने के बिल को गिरा देना, उसका उत्साह मनाना और जयनाद करना सचमुच निंदनीय और कल्पना से परे है. अब देश की महिलाओं को लोकसभा और विधानसभा में 33% आरक्षण, जो उनका अधिकार था, वह नहीं मिल पाएगा.’
‘विपक्ष को झेलना पड़ेगा महिलाओं का आक्रोश’
अमित शाह ने आगे कहा कि ‘कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने यह पहली बार नहीं किया, बल्कि बार-बार किया है. उनकी यह सोच न महिलाओं के हित में है और न देश के. मैं उन्हें बताना चाहता हूं कि नारी शक्ति के अपमान की यह बात यहां नहीं रुकेगी, दूर तक जाएगी’. विपक्ष पर हमला करते हुए अमित शाह ने कहा कि ‘विपक्ष को ‘महिलाओं का आक्रोश’ न सिर्फ 2029 लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा.’