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Indian Railway News: कश्मीर से दिल्ली तक अब 24 घंटे में माल डिलीवरी! इन व्यापारियों को मिलेगा फायदा

Kashmir parcel train: इस नई सेवा को ‘ज्वाइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस’ (JPP-RCS) नाम दिया गया है. फिलहाल इसे 17 अप्रैल से 31 मई तक ट्रायल के रूप में चलाया जाएगा.

By: Shubahm Srivastava | Published: April 16, 2026 5:45:34 PM IST



Delhi Budgam Freight Train: भारतीय रेलवे (Indian Railways) के तहत उत्तर रेलवे ने कश्मीर घाटी के फल उत्पादकों और हस्तशिल्प निर्यातकों को बड़ी राहत देने का फैसला लिया है. 17 अप्रैल से दिल्ली के आदर्श नगर और मध्य कश्मीर के बडगाम के बीच नियमित पार्सल ट्रेन सेवा शुरू की जा रही है. लंबे समय से सड़क परिवहन की देरी और अनियमितता से जूझ रहे व्यापारियों के लिए यह एक तेज़, सुरक्षित और किफायती विकल्प साबित होगी.

ट्रायल के तौर पर शुरू होगी सेवा

इस नई सेवा को ‘ज्वाइंट पार्सल प्रोडक्ट-रैपिड कार्गो सर्विस’ (JPP-RCS) नाम दिया गया है. फिलहाल इसे 17 अप्रैल से 31 मई तक ट्रायल के रूप में चलाया जाएगा. रेलवे अधिकारियों के अनुसार, अगर इस दौरान व्यापारियों की ओर से अच्छा रिस्पॉन्स मिलता है और बुकिंग संतोषजनक रहती है, तो इसे स्थायी रूप से शुरू कर दिया जाएगा.

तेज़ सफर और तय रूट

यह पार्सल ट्रेन लगभग 23 से 24 घंटे में अपनी यात्रा पूरी करेगी, जिससे सामान की डिलीवरी पहले की तुलना में काफी तेज हो जाएगी. ट्रेन का ठहराव अंबाला कैंटोनमेंट और बारी ब्राह्मणा स्टेशनों पर होगा. व्यापारियों के सुझावों के आधार पर शेड्यूल में भी बदलाव किए गए हैं, ताकि लोडिंग और अनलोडिंग की प्रक्रिया अधिक सुगम हो सके.

तय समय और संचालन

ट्रेन संख्या 00462 बडगाम से सुबह 6:15 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 5:00 बजे दिल्ली पहुंचेगी. वहीं ट्रेन संख्या 00461 वापसी में आदर्श नगर से सुबह 5:00 बजे चलेगी और अगले दिन सुबह 10:45 बजे बडगाम पहुंचेगी. इस सेवा में 8 पार्सल वैन और 1 सीटिंग-कम-लगेज (SLR) कोच शामिल होंगे, जिससे बड़ी मात्रा में सामान का परिवहन संभव होगा.

अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

इस नई सेवा का मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है. अब घाटी के प्रसिद्ध उत्पाद जैसे केसर, सेब, अखरोट, पश्मीना शॉल और हस्तशिल्प वस्तुएं बिना देरी के देशभर के बाजारों तक पहुंच सकेंगी. इससे व्यापारियों की आय बढ़ेगी और क्षेत्रीय उत्पादों को नए बाजार भी मिलेंगे, जिससे पूरे क्षेत्र के आर्थिक विकास को गति मिलेगी.

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