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Delhi-Dehradun Expressway: पांच नहीं अब सिर्फ ढाई घंटे का सफर! कई जिलों को मिलेगा फायदा; यहां जानें इसकी खूबियां

Delhi Dehradun Expressway Benefits: फिलहाल नई दिल्ली से देहरादून तक पहुंचने में 5 से 6 घंटे तक का समय लग जाता है, नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यही दूरी करीब ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी.

By: Shubahm Srivastava | Published: April 8, 2026 9:22:02 PM IST



Delhi Dehradun Expressway Launch Date: दिल्ली से देहरादून यात्रा को आसान बनाने वाला बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे अब पूरी तरह तैयार है. आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पीएम मोदी 14 अप्रैल, अंबेडकर जयंती के दिन इसका उद्घाटन कर सकते हैं.

सहारनपुर में कार्यक्रम की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं. पिछले महीने एक्सप्रेसवे को कंपलीशन सर्टिफिकेट मिल चुका था, लेकिन उद्घाटन तिथि तय न होने के कारण इसकी शुरुआत टल गई थी. अब इस प्रोजेक्ट के शुरू होने से दिल्ली और उत्तराखंड के बीच कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा.

सफर में लगने वाला समय घटेगा

फिलहाल नई दिल्ली से देहरादून तक पहुंचने में 5 से 6 घंटे तक का समय लग जाता है, जो ट्रैफिक के कारण और बढ़ सकता है. नए एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यही दूरी करीब ढाई घंटे में पूरी की जा सकेगी. इससे न केवल यात्रियों का समय बचेगा, बल्कि ईंधन की खपत भी कम होगी. चार साल में बनकर तैयार हुआ यह प्रोजेक्ट क्षेत्रीय कनेक्टिविटी के लिहाज से एक बड़ा बदलाव साबित होगा.

यूपी के कई जिलों को मिलेगा फायदा

यह एक्सप्रेसवे भले ही दिल्ली से शुरू होता है, लेकिन इसका बड़ा हिस्सा उत्तर प्रदेश से होकर गुजरता है. इसमें लोनी, बागपत, शामली और सहारनपुर जैसे जिले शामिल हैं. इन क्षेत्रों को राजधानी दिल्ली से तेज और सीधी कनेक्टिविटी मिलने से व्यापार, परिवहन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. साथ ही लोगों की आवाजाही भी आसान हो जाएगी.

स्पीड लिमिट और आधुनिक सुविधाएं

इस आधुनिक एक्सप्रेसवे पर वाहनों के लिए अलग-अलग स्पीड लिमिट निर्धारित की गई है. कार और हल्के वाहनों के लिए 100 किमी/घंटा, भारी वाहनों के लिए 80 किमी/घंटा और दोपहिया वाहनों के लिए 60 किमी/घंटा की सीमा तय की गई है. इन नियमों से यात्रा सुरक्षित और नियंत्रित बनी रहेगी. बेहतर सड़क गुणवत्ता, चौड़ी लेन और आधुनिक डिजाइन के कारण यात्रियों को आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा.

ग्रीन कॉरिडोर और पर्यटन को बढ़ावा

इस एक्सप्रेसवे की सबसे खास बात 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड ग्रीन कॉरिडोर है, जो राजाजी टाइगर रिज़र्व (Rajaji Tiger Reserve) के ऊपर बनाया गया है. यह एशिया का सबसे बड़ा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर माना जा रहा है, जहां नीचे जानवर स्वतंत्र रूप से घूम सकेंगे और ऊपर से वाहन गुजरेंगे.

इस प्रोजेक्ट से पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा. दिल्ली-एनसीआर के लोग अब कम समय में देहरादून और आसपास के हिल स्टेशनों तक पहुंच सकेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को नई गति मिलने की उम्मीद है.

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