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Navratri vrat rules: नवरात्रि में व्रत टूट जाए तो क्या करें? जानिए उपाय, नियम और सही प्रायश्चित

Navratri vrat rules: नवरात्रि में व्रत का महत्व केवल भोजन त्याग में नहीं, बल्कि सच्ची श्रद्धा और भक्ति में माना जाता है. मां दुर्गा  की उपासना में यदि अनजाने में व्रत टूट जाए, तो घबराने की जरूरत नहीं है.

By: Ranjana Sharma | Published: March 25, 2026 11:15:28 AM IST



Navratri vrat rules: नवरात्रि का पर्व मां दुर्गा की भक्ति, श्रद्धा और आत्मसंयम का प्रतीक माना जाता है. इन नौ दिनों में भक्त उपवास रखकर देवी की कृपा पाने का प्रयास करते हैं. लेकिन कई बार अनजाने में व्रत टूट जाने पर लोग घबरा जाते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सच्ची भक्ति और भावना सबसे महत्वपूर्ण होती है, ऐसे में गलती होने पर भी सही उपाय अपनाकर दोष को कम किया जा सकता है.

व्रत का असली महत्व क्या है?

हिंदू धर्म में व्रत का महत्व केवल भोजन त्याग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह मन, वचन और कर्म की शुद्धता से जुड़ा होता है. मां दुर्गा की उपासना में सच्ची श्रद्धा और समर्पण सबसे जरूरी माने जाते हैं. अगर भाव शुद्ध हो, तो छोटी गलतियों का प्रभाव कम हो जाता है.

क्या व्रत टूटने पर माता होती हैं नाराज?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर नियम तोड़ता है तो इसे गलत माना जाता है. लेकिन अगर व्रत अनजाने में टूट जाए, तो मां दुर्गा भक्त को क्षमा कर देती हैं. जरूरी है कि व्यक्ति अपनी गलती को स्वीकार करे और आगे से सावधानी बरते.

व्रत टूट जाए तो क्या करें?

  • क्षमा याचना करें: सबसे पहले मां दुर्गा के सामने सच्चे मन से अपनी गलती के लिए प्रार्थना करें. “ॐ दूं दुर्गायै नमः” मंत्र का 108 बार जाप करना शुभ माना जाता है.
  • मंत्र जाप करें: दुर्गा सप्तशती या दुर्गा चालीसा का पाठ करने से मानसिक शांति मिलती है और व्रत से जुड़ा दोष कम होता है.
  • दान-पुण्य करें: जरूरतमंद लोगों को भोजन, कपड़े या अनाज दान करना बहुत पुण्यदायी माना गया है. इससे सकारात्मक फल मिलता है.
  • फलाहार से व्रत जारी रखें: अगर व्रत बीच में टूट जाए, तो बाकी दिनों में फलाहार करके पूजा जारी रख सकते हैं.
  • हवन और शुद्धिकरण:घर में छोटा हवन करना और गंगाजल का छिड़काव करना शुभ माना जाता है. इससे वातावरण सकारात्मक होता है.
  • कन्या पूजन करें: छोटी कन्याओं को माता का रूप मानकर उन्हें भोजन कराना और दक्षिणा देना व्रत के दोष को कम करने में सहायक माना जाता है.

स्वास्थ्य कारणों पर क्या करें?

अगर व्रत किसी स्वास्थ्य समस्या की वजह से टूट गया हो, तो खुद को दोष देने की जरूरत नहीं है. ऐसे में मन को शांत रखें और अपनी क्षमता के अनुसार पूजा जारी रखें.

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