Prayagraj Cold Storage Collapse: सोमवार दोपहर को उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक कोल्ड स्टोरेज का एक हिस्सा ढह जाने से कम से कम चार लोगों की मौत हो गई और 12 अन्य घायल हो गए. इस घटना के बाद अमोनिया गैस लीक होने लगी, जिससे एक बड़ी आपातकालीन स्थिति पैदा हो गई और बचाव अभियान शुरू करना पड़ा. अधिकारियों ने बताया कि घायलों को पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहाँ उनका इलाज चल रहा है. घटनास्थल पर अभी भी बचाव अभियान जारी है, और आशंका है कि मलबे के नीचे और भी लोग फँसे हो सकते हैं.
कैसे हुआ हादसा?
वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कुलदीप गुणावत ने बताया कि इमारत अचानक ढह गई, जिससे कई मज़दूर मलबे के नीचे फंस गए. उन्होंने कहा, “सभी घायल मज़दूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है और उन्हें अस्पताल में भर्ती करा दिया गया है.” ज़िलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने बताया कि अधिकारी पीड़ितों की पहचान करने और प्रभावित लोगों की सूची तैयार करने का काम कर रहे हैं.
#WATCH | Prayagraj, Uttar Pradesh | A part of the cold storage facility in the Phaphamau area collapsed; rescue operations are underway. More details are awaited. pic.twitter.com/agvOBCN1lO
— ANI (@ANI) March 23, 2026
कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस लीक
इमारत ढहने के बाद कोल्ड स्टोरेज से अमोनिया गैस लीक होने लगी, जिसके बाद गैस के रिसाव को रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए गए. अधिकारियों ने बताया कि इलाके को सुरक्षित करने और किसी भी तरह के और खतरे को टालने के प्रयास जारी हैं. अधिकारियों ने बताया कि यह कोल्ड स्टोरेज सुविधा समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक अंसार अहमद से जुड़ी हुई है, और इस घटना की जाँच शुरू कर दी गई है. बागवानी विभाग की भूमिका की भी जाँच की जा रही है, क्योंकि इस तरह की सुविधाओं के लाइसेंस के नवीनीकरण का काम इसी विभाग के ज़िम्मे होता है.
कितनी खतरनाक है अमोनिया गैस?
अमोनिया गैस (NH₃) एक तीव्र गंध वाली, रंगहीन लेकिन बेहद खतरनाक गैस है. यह आंखों, त्वचा और श्वसन तंत्र को गंभीर रूप से प्रभावित करती है. अधिक मात्रा में इसके संपर्क से सांस लेने में दिक्कत, फेफड़ों में सूजन और यहां तक कि जान का खतरा भी हो सकता है. औद्योगिक क्षेत्रों में इसका उपयोग खाद और केमिकल बनाने में होता है, लेकिन लीक होने पर यह जहरीले बादल का रूप ले सकती है. लंबे समय तक संपर्क से आंखों की रोशनी और फेफड़ों को स्थायी नुकसान हो सकता है, इसलिए इससे बचाव के लिए सुरक्षा उपाय बेहद जरूरी हैं.
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