Global Terrorism Index 2026: भारत का पड़ोसी देश पाकिस्तान पहली बार Global Terrorism Index 2026 में पहले स्थान पर पहुंच गया है. यह रैंकिंग देश में तेजी से बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दर्शाती है. रिपोर्ट के अनुसार 2025 में आतंकवाद से जुड़ी मौतों में 6% की बढ़ोतरी हुई, जो चिंता का बड़ा कारण है. कुल 1,139 लोगों की मौत और 1,045 आतंकी घटनाएं दर्ज की गईं, जो 2013 के बाद सबसे ज्यादा हैं.
वैश्विक स्तर पर, पाकिस्तान अब उन पाँच देशों में शामिल है जहां दुनिया की लगभग 70 प्रतिशत आतंकवाद-संबंधी मौतें होती हैं. इनमें बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ़ द कांगो भी शामिल हैं.
बढ़ते हमले और बिगड़ती सुरक्षा स्थिति
Institute for Economics and Peace की रिपोर्ट बताती है कि पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं की संख्या लगातार गंभीर बनी हुई है. हालांकि कुछ मामलों में हमलों की संख्या में हल्की कमी आई है, लेकिन मौतों का आंकड़ा लगातार छठे साल बढ़ा है. यह दर्शाता है कि हमले कम होने के बावजूद उनकी तीव्रता और प्रभाव ज्यादा खतरनाक हो गया है.
तहरीक-ए-तालिबान का बढ़ता खतरा
TTP ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकी संगठन बन चुका है और वैश्विक स्तर पर तीसरे स्थान पर है. 2009 से अब तक पाकिस्तान में हुए 67% से अधिक हमलों के लिए यही संगठन जिम्मेदार है. 2025 में इसके हमलों में 24% की वृद्धि हुई और कुल 595 हमले दर्ज किए गए. यह अन्य संगठनों की तुलना में कई गुना अधिक सक्रिय है.
अफगान सीमा और संवेदनशील क्षेत्र
खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र रहे हैं. खासकर अफगान सीमा के पास हिंसा तेजी से बढ़ी है, जहां 637 लोगों की मौत हुई. अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान के सत्ता में आने के बाद इन क्षेत्रों में अस्थिरता और बढ़ गई है, जिससे आतंकी संगठनों को मजबूत होने का मौका मिला.
बंधक घटनाएं और वैश्विक चिंता
2025 में बंधक बनाने की घटनाओं में भी भारी उछाल देखा गया. 2024 में जहां 101 लोगों को बंधक बनाया गया था, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 655 हो गई. जाफर ट्रेन हमला इसका बड़ा उदाहरण रहा. वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान अब उन पांच देशों में शामिल है, जहां दुनिया की करीब 70% आतंकी मौतें होती हैं. यह स्थिति अंतरराष्ट्रीय समुदाय के लिए भी गंभीर चिंता का विषय बन चुकी है और क्षेत्रीय स्थिरता पर बड़ा खतरा पैदा कर रही है.