Dhurandhar 2: फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ यानी धुरंधर 2 19 मार्च, बुधवार को बड़े पर्दे पर रिलीज हुई. इस फिल्म में जसकीरत सिंह रंगी की जिंदगी की कहानी देखने को मिलती है. यह ‘धुरंधर’ दूसरा पार्ट है, जिसमें रणवीर सिंह ने जसकीरत या हमजा अली मजारी का किरदार निभाया है. फिल्म में एक्टर ने एक स्पाई की भूमिका निभाई है. जो पहले जेल जाता है और फिर बाद में एक खतरनाक मिशन के लिए चुना जाता है. जिसमें वह भारतीय जासूस के रूप में पाकिस्तान में घुसकर आतंकवादी की घरों में घुसपैठ करता है. धुरंधर का पहला पार्ट 5 दिसंबर, 2025 को रिलीज हुई थी. इस फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर 1350 करोड़ रुपये से अधिक की कमाई की थी. वहीं 19 मार्च को इसका अगला पार्ट पांच भाषाओं में रिलीज की गई है.
जसकीरत सिंह की कहानी
जब जसकीरत की उम्र 21 साल की थी, तब वह भारतीय सेना में भर्ती होने की तैयारी कर रहे थे. उनका परिवार पठानकोट में रहता था. उनके पिता सेना अधिकारी थे और परिवार में उनकी मां, पिता और दो बहनें थीं. बकाया राशि न चुकाने के कारण जसकीरत के पिता को मार दिया गया. उनकी एक बहन के साथ क्रूर दुर्व्यवहार किया गया और बाद में उसकी हत्या कर दी गई. जबकि दूसरी बहन के साथ बलात्कार किया गया. लेकिन किसी तरह से उसकी जान बच गई. यह सब जमीन और धन विवाद के कारण हुआ. इस घटना के आरोपी एक विधायक के परिवार से थे. परिणामस्वरुप, उनके खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई. जिसके बाद जसकीरत का न्याय व्यवस्था से विश्वास उठ गया और उन्होंने फिर बदला लेना का निश्चय किया.
जेल से रॉ तक का सफर
एक दोस्त की मदद से उसने हथियार इकट्ठा किए. एक रात उसने विधायक के आवास पर हमला किया और 12 लोगों को मौत के घाट उतार दिया. इस तरह वह एक साधारण यूवक से खतरनाक व्यक्ति बन गया. उसके बाद जसकीरत को गिरफ्तार कर लिया गया और मौत की सजा सुनाई गई. इसी समय उसकी मुलाकात आर माधवन द्वारा अभिनीत रॉ अधिकारी अजय सान्याल के साथ हुई. दोनों ने मिलकर उसे जेल से छुड़ाने के लिए योजना बनाई. अजय ने उसे ऑपरेशन धुरंधर का नेतृत्व करने के लिए चुना.
कैसे हुआ हमजा का जन्म?
जेल से रिहा होने के बाद जसकीरत ने कड़ी ट्रेनिंग ली. उसे एक नई पहचान दी गई और उसने अपना नाम हमजा अली मजारी रखा. यहीं से पहली फिल्म धुरंधर की कहानी शुरु हुई. जिसमें पाकिस्तान के भीतर उसकी जासूसी की वर्णन है. रणवीर सिंह ने फिल्म में शानदार एक्टिग की है. जिससे दर्शक जसकीरत की पीड़ा को गहराई से महसूस कर पाए. धुरंधर:द रिवेंज , पारिवारिक त्रासदी और राष्ट्र के लिए बलिदान की गाथा है.
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हमजा के किरदार का अंत
धुरंधर : द रिवेंज के अंत में हमजा अपनी पत्नी यालीना और बेटे जायन को पीछे छोड़कर भारत सुरक्षित वापस आ जाता है. जसकीरत अपनी असली पहचान में लौटकर जासूस दिल्ली से पठानकोट अपनी मां से मिलने जाता है. अपनी मां, बहन और दो बच्चों को अपने जीवन में देखकर खूब रोता है. तभी जासूसी प्रशिक्षण के दौरान कहे गए पहले कुछ शब्द याद आते हैं. ‘बलिदान परमो धर्म’ और वह उनसे मिले बिना ही वापस लौट जाता है. क्योंकि वह उनके लिए बहुत पहले ही मर चुका था. आखिरी कुछ पलों में जसकीरत को सैन्य शिविर में प्रशिक्षण लेते हुए दिखाया गया है.