Gangaur Puja 2026: चैत्र मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि पर मनाया जाने वाला गणगौर पर्व इस बार 21 मार्च 2026 को पड़ रहा है. उत्तर भारत, खासकर राजस्थान और मध्य प्रदेश में यह त्योहार न सिर्फ आस्था बल्कि वैवाहिक सुख-समृद्धि की कामना का प्रतीक बनकर उभरता है.
तिथि और शुभ मुहूर्त
हिंदू पंचांग के अनुसार तृतीया तिथि का आरंभ 21 मार्च को रात 2:30 बजे से होगा और समापन रात 11:56 बजे पर होगा. ऐसे में इसी दिन व्रत रखा जाएगा.
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:49 बजे से 5:36 बजे तक
- अभिजित मुहूर्त: दोपहर 12:04 बजे से 12:52 बजे तक
- श्रेष्ठ पूजा समय: सुबह 7:55 बजे से 9:26 बजे तक
- इन मुहूर्तों में पूजा करना विशेष फलदायी माना गया है.
व्रत का धार्मिक महत्व
गणगौर तीज का मुख्य उद्देश्य भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना है. मान्यता है कि इस दिन विवाहित महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं. वहीं अविवाहित कन्याएं मनचाहे जीवनसाथी के लिए व्रत रखती हैं.
पूजा विधि और परंपराएं
इस दिन महिलाएं सुबह स्नान के बाद व्रत का संकल्प लेती हैं और घर में शिव-पार्वती की मूर्तियों की स्थापना करती हैं. विधि-विधान से पूजा करते हुए सुहाग सामग्री, फूल, फल और प्रसाद अर्पित किए जाते हैं. कई जगह पारंपरिक श्रृंगार और आभूषणों की भी पूजा की जाती है.
आस्था और परंपरा का संगम
गणगौर केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि पारिवारिक सुख, समृद्धि और प्रेम का प्रतीक भी है. यह पर्व महिलाओं की आस्था, परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को मजबूती से जोड़ता है.