Mamata Banerjee Cotton Saree Look: बंगाल में चुनाव का बिगुल बज चुका है और टीएमसी ने कमर कस ली है. राजनीति में तेज तर्रार और साहसी नेता के रूप में पहचानी जाने वाली ममता बनर्जी निजी जीवन में बेहद साधारण और सादगीपूर्ण रहकर जनता के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाए रखती हैं. उनकी परंपरागत सूती साड़ी, कंधे पर थैला और पैरों में हवाई चप्पल अब उनकी पहचान बन गई है.
कॉटन की सफेद साड़ी पहचान
ममता बनर्जी हमेशा सफेद रंग की साड़ी पहनती हैं, जिसमें काले, लाल और रंगीन बॉर्डर होता है. यह साड़ी केवल उनके व्यक्तित्व का हिस्सा नहीं बल्कि राजनीतिक पहचान का भी प्रतीक बन चुकी है. इसके साथ ही उनके कंधे पर एक थैला व पैरों में हवाई चप्पल दिखाई देती हैं.
यहां बनती हैं ममता बनर्जी साड़ियां
उनकी पसंदीदा साड़ियां पश्चिम बंगाल के हुगली जिले के धनियाखाली क्षेत्र में बनी होती हैं. धनियाखाली हथकरघा साड़ियां हल्की और आरामदायक होती हैं, जो बंगाल की गर्म और चिपचिपी जलवायु के लिए उपयुक्त हैं. ममता अपनी साड़ियां उसी क्षेत्र के बुनकरों से बुनवाती हैं और डिजाइन भी खुद चुनती हैं.
सादगी से भरी जीवनशैली
ममता बनर्जी अपने जीवन में ज्यादा कपड़े जमा करने में विश्वास नहीं करतीं. बचपन में अभाव और आर्थिक तंगी झेलने के कारण उन्होंने सादगी को जीवन का हिस्सा बनाया. उनकी जिंदगी में किसी भी तरह का भौतिक भंडार या लग्जरी नहीं है. यही कारण है कि उनकी सफेद साड़ी और हवाई चप्पल उनकी पहचान का हिस्सा बन गई है.
राजनीति में पॉवर पोशाक
भारतीय राजनीति में महिलाओं की साड़ी ने हमेशा एक खास इमेज दी है. ममता बनर्जी की सादगीपूर्ण साड़ी उन्हें जनता के करीब दिखाती है. यह साड़ी उनके राजनीतिक व्यक्तित्व का हिस्सा बन गई है और इसे अब “ममता साड़ी” भी कहा जाने लगा है.
अंतरराष्ट्रीय पहचान
ममता अपनी साड़ियां अन्य महिला नेताओं को भी उपहार में देती हैं, जिसमें सोनिया गांधी और बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना शामिल हैं. इस तरह उनकी साड़ी केवल फैशन का हिस्सा नहीं बल्कि राजनीतिक और सामाजिक पहचान का प्रतीक भी बन चुकी है.
सादगी और शक्ति का मेल
ममता बनर्जी का स्टाइल यह दर्शाता है कि साधारण साड़ी और हवाई चप्पल पहनकर भी एक महिला नेता प्रभावशाली और शक्तिशाली बन सकती है. यह उनकी सादगी और जनता के करीब रहने की नीति को भी दिखाता है.