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Dhurandhar 2: धुरंधर 2’ में बड़े साहब बनने में दानिश इकबाल को लगते थे इतने घंटे, जानिए क्या क्या मुश्किलें आईं

Dhurandhar 2: ‘धुरंधर 2’ में दानिश इकबाल ने बड़े साहब यानी दाऊद इब्राहिम का किरदार निभाकर दर्शकों को चौंका दिया है. फिल्म में उनका गेट-अप, किरदार की बारीकियां और एक्टिंग खूब पसंद की जा रही हैं. दानिश ने बताया कि किरदार निभाना चुनौतीपूर्ण था.

By: Ranjana Sharma | Last Updated: March 20, 2026 1:55:09 PM IST



Dhurandhar 2: ‘धुरंधर 2’ देखने पहुंचे दर्शकों की सबसे बड़ी जिज्ञासा थी कि आखिर ‘बड़े साहब’ कौन हैं. अब फिल्म रिलीज होने के साथ ही यह रहस्य खुल चुका है. दानिश इकबाल ने दाऊद इब्राहिम के किरदार में जान फूंक दी है और फैंस इस सरप्राइज किरदार से बेहद प्रभावित हैं, लेकिन इस किरदार के लिए उन्हें कितने घंटे तैयार होना पड़ता था इसके बारे में भी बताया. 

दानिश इकबाल को मिला फैंस का प्यार

मीडिया से बातचीत में दानिश इकबाल ने बताया कि दर्शकों की उत्सुकता और प्यार उनके लिए बेहद खास है. उन्होंने कहा, “पिछले तीन महीनों में कई बार ऐसा हुआ जब मैं कहना चाहता था, ‘मैं बड़े साहब हूं’, लेकिन अपने काम और प्रतिबद्धताओं के कारण इंतजार करना पड़ा. फिल्म की शूटिंग 2024 में हुई थी, जबकि कुछ सीन 2023 में भी शूट हुए. किरदार में खुद को देखना मेरे लिए एक अलग अनुभव था.”

किरदार में बारीकियों पर खास ध्यान

दानिश ने बताया कि दाऊद का किरदार पहले भी कई अभिनेताओं ने निभाया है, लेकिन इस किरदार में अपने अंदाज और बारीकियों को डालना ही चुनौती थी. “मैंने किरदार के लुक और उसकी छोटी-छोटी बारीकियों पर ध्यान दिया. आदित्य का मार्गदर्शन भी बहुत मददगार रहा. यह अनुभव पूरी तरह से यादगार रहा.

गेट-अप और तैयारी की चुनौतियां

अपने किरदार के गेट-अप के बारे में दानिश ने कहा, “तैयार होने में मुझे 10-12 घंटे लगते थे. सेट पर पहुंचते ही मेकअप शुरू होता और उस गेट-अप में न तो खा सकते थे और न ही हिल-डुल सकते थे. ऐसा लग रहा था जैसे मैं रमजान के महीने पहले ही मना रहा हूँ. मरते हुए व्यक्ति का किरदार होने के कारण मुझे अपनी टोन और आवाज पर भी काम करना पड़ा. यह चुनौती भरा, लेकिन जीवन भर का अवसर था.

राजनीति और किरदार दोनों अलग 

दानिश ने बताया कि दाऊद जैसे खूंखार किरदार को निभाते समय उनकी व्यक्तिगत मान्यताओं और राजनीति को अलग रखना चुनौती थी. “मुझे एहसास हुआ कि किरदार का सच अलग होता है और एक अभिनेता के रूप में मेरा काम उसे न्यायपूर्वक निभाना है. यही बात दर्शकों को पसंद आई और किरदार को और खतरनाक बनाती है. फिल्म की राजनीति पर दानिश ने कहा, मैं अभिनेता हूँ, नेता नहीं. मेरा काम किरदार को रोचक बनाना और दर्शकों को एंटरटेन करना है. 

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